अंबिकापुर: सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में हुए बहुचर्चित पति-पत्नी दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर के न्यायालय ने 14 अगस्त 2026 को मामले के दोनों आरोपियों करीमन मझवार (42) और जय श्याम (28) को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

मामला थाना दरिमा के अपराध क्रमांक 159/2025 से संबंधित है। 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात ग्राम कुम्हरता घाधी में पति-पत्नी की हत्या कर दी गई थी। 23 अक्टूबर की सुबह पुलिस को एक घर में दो शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक रीमा लकड़ा और जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला के शव घर की परछी में मिले। प्रारंभिक जांच में हत्या के साथ घर से बकरियां गायब होने की बात भी सामने आई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल घटनास्थल पहुंचे और पुलिस टीम को बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी करीमन मझवार और जय श्याम को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपियों के मेमोरेण्डम कथनों के आधार पर घटना में प्रयुक्त टांगी (कुल्हाड़ी) बरामद की गई। घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए शर्ट भी जब्त किए गए, जिन पर खून जैसे धब्बे पाए गए थे।पुलिस ने घटनास्थल से खून आलूदा मिट्टी, साधारण मिट्टी, मृतकों के कपड़े और पोस्टमार्टम के दौरान संरक्षित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए। सभी साक्ष्यों को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया तथा हथियार और कपड़ों का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया।

मामले की विवेचना थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो द्वारा की गई। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को अभियोग पत्र क्रमांक 164/2025 न्यायालय में प्रस्तुत किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) दो बार, धारा 3(5) तथा धारा 332(क) के तहत आरोप लगाए गए थे।न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने 16 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और 46 आर्टिकल साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।न्यायालय ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति दिए जाने के संबंध में भी विचार किया और समुचित प्रतिकार प्रदान किए जाने की अनुशंसा की।दोहरे हत्याकांड में आए इस फैसले को सरगुजा पुलिस ने प्रभावी विवेचना, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन और मजबूत अभियोजन पैरवी का परिणाम बताया है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा की अनुशंसा पर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश खलखो और विवेचना में सहयोग करने वाले दरिमा पुलिस स्टाफ के उत्साहवर्धन के लिए उचित पारितोषिक देने की घोषणा की है।डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए विवेचक निरीक्षक राजेश खलखो की उच्च व्यवसायिक दक्षता और उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा की।

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