Iran revenge list: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक नया दावा सामने आया है। ईरान के एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एक कथित सूची में अमेरिका, इजरायल और यूरोप के 13 प्रमुख नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं। हालांकि, इस सूची को लेकर ईरानी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अखबार ने प्रकाशित किया इन्फोग्राफिक

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अखबार 'हमशहरी' ने एक इन्फोग्राफिक प्रकाशित किया है, जिसमें दावा किया गया है कि सूची में शामिल नेताओं को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह सूची किसी सरकारी एजेंसी की है या केवल अखबार का संपादकीय प्रस्तुतीकरण।

कई प्रमुख नेताओं के नाम होने का दावा

रिपोर्ट में जिन नेताओं के नाम होने की बात कही गई है, उनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज समेत अमेरिका और इजरायल के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल बताए गए हैं।

मोजतबा खामेनेई के बयान के बाद बढ़ी चर्चा

यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक संदेश में कहा कि ईरान अपने ऊपर हुए हमलों का जवाब देगा। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति या देश का नाम नहीं लिया और न ही किसी सूची का उल्लेख किया।

यूरोपीय देशों पर भी लगाए आरोप

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान कुछ यूरोपीय देशों पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने का आरोप लगाता है। ईरानी पक्ष का दावा है कि कुछ देशों ने अमेरिकी विमानों को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति दी, जिसके चलते यूरोपीय नेताओं के नाम भी इस कथित सूची में जोड़े गए हैं।

आधिकारिक पुष्टि नहीं

अब तक इस बात का कोई स्वतंत्र या आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है कि यह कथित सूची ईरान सरकार द्वारा तैयार या अनुमोदित की गई है। इसलिए इस दावे को पुष्टि के साथ नहीं देखा जा सकता।

पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहा तनाव

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास दोनों देशों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की है, जबकि ईरान ने उन क्षेत्रों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष और गहराता है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

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