

मुख्यमंत्री कार्यालय से स्वास्थ्य संचालनालय, सीएमएचओ और बीएमओ तक पहुंची प्रक्रिया, अस्पताल उन्नयन को लेकर बढ़ी उम्मीदें
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन की मांग अब प्रशासनिक और शासन स्तर पर प्रक्रिया का हिस्सा बन चुकी है। क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को लेकर उठाई गई मांग मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद इस पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) बलरामपुर से राजपुर अस्पताल की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं एवं आवश्यक संसाधनों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
संचालनालय से पत्र प्राप्त होने के बाद सीएमएचओ कार्यालय ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर राजपुर को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके तहत अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या, मरीजों की ओपीडी एवं आईपीडी स्थिति, उपलब्ध बिस्तर, भवन की क्षमता, चिकित्सा उपकरण, लैब सुविधाएं तथा भविष्य में आवश्यक संसाधनों का ब्यौरा तैयार किया गया है।
बताया जा रहा है कि बीएमओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी सीएमएचओ कार्यालय द्वारा संकलित कर स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय को भेजी जाएगी। इसके बाद संचालनालय स्तर पर परीक्षण कर प्रस्ताव को शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया को अस्पताल उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि राजपुर विकासखंड सहित आसपास के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के हजारों लोगों को गंभीर बीमारी अथवा सड़क दुर्घटना की स्थिति में अंबिकापुर रेफर होना पड़ता है। लंबी दूरी और समय पर उपचार नहीं मिल पाने से कई बार मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि राजपुर अस्पताल का उन्नयन कर सिविल अस्पताल अथवा उप जिला अस्पताल स्तर की सुविधाएं विकसित की जाती हैं तो क्षेत्र में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर स्वास्थ्य संचालनालय, सीएमएचओ और बीएमओ स्तर तक जानकारी संकलन और पत्राचार की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों में यह उम्मीद जगी है कि वर्षों पुरानी यह मांग आने वाले समय में मूर्त रूप ले सकती है और राजपुर क्षेत्र को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात मिल सकती है।





















