

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय, एनईपी के विजन के अनुरूप राज्य में शिक्षा को फिर से बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य के शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से रोडमैप तैयार करने के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को नई दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और पश्चिम बंगाल सरकार के ही स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन के साथ विस्तृत चर्चा की।
यह चर्चा राज्य में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन, विस्तार और निधि आवंटन पर केंद्रित थी, जिसमें समग्र शिक्षा कार्यक्रम, पीएम-ऊषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान), पीएम पोषण (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) और उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम शामिल हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पीएम स्कूलों के नेटवर्क का विस्तार उन ब्लॉकों तक किया जाए जो वर्तमान में इसके अंतर्गत शामिल नहीं हैं, और साथ ही इन्हें शहरी स्थानीय निकायों में भी विस्तारित किया जाए।
बैठक में उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभागों के सचिव, डॉ. विनीत जोशी के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।











