जशपुर:  छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में समाज से बहिष्कृत व्यक्ति को दोबारा समाज में शामिल करने के नाम पर कथित तौर पर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। मामले में पत्थलगांव पुलिस ने समाज के तत्कालीन अध्यक्ष शेखर प्रसाद बंजारा (32) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं, प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बटुराबहार का है। गांव के निवासी गोपाल बंजारा (31) ने न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोरबा की अदालत में परिवाद प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था। समाज में दोबारा शामिल होने के लिए आवेदन करने पर उनसे रुपये की मांग की गई।परिवाद में आरोप लगाया गया कि समाज के तत्कालीन अध्यक्ष शेखर प्रसाद बंजारा, सचिव महेंद्र बंजारा, वर्तमान अध्यक्ष नंदकिशोर बंजारा और सचिव श्यामलाल बंजारा ने समाज में पुनः शामिल करने के नाम पर रकम मांगी थी। गोपाल बंजारा के मुताबिक, तत्कालीन अध्यक्ष शेखर बंजारा को कुल दो लाख रुपये देने की बात कही गई थी।

शिकायतकर्ता ने परिवाद में बताया कि 23 सितंबर 2022 को अलग-अलग बैंक खातों से कुल एक लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इनमें उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से फोन-पे के माध्यम से शेखर बंजारा के खाते में 60 हजार रुपये और उनके मित्र के इंडसइंड बैंक खाते से 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख है। इसके बाद भी दोबारा रकम मांगे जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने न्यायालय में परिवाद पेश किया था।

न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस के मुताबिक, न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोरबा के आदेश पर थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा में अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटनास्थल पत्थलगांव थाना क्षेत्र में होने के कारण प्रकरण वहां स्थानांतरित किया गया। पत्थलगांव पुलिस ने अपराध क्रमांक 149/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 61(2), 3(5) तथा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 7(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा संबंधित बैंक खातों से जानकारी जुटाई। इसके बाद नामजद आरोपी शेखर प्रसाद बंजारा, पिता राजकुमार बंजारा, निवासी बटुराबहार (गौटियापारा), को 13 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। प्रकरण की आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई जारी है।

डीआईजी एवं जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि समाज से बहिष्कृत व्यक्ति को दोबारा शामिल करने के नाम पर रुपये मांगने के मामले में तत्कालीन अध्यक्ष को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। अन्य फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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