सूरजपुर: सूरजपुर जिले में सड़क हादसे में अपने 22 वर्षीय बेटे को खो चुकी एक मां पिछले दो माह से अधिक समय से मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पोस्टमार्टम होने के बावजूद अब तक प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से परिवार बीमा दावा, शासकीय सहायता योजनाओं और अन्य जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है। पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल और संबंधित कार्यालयों के कई चक्कर लगाने के बाद भी केवल टालमटोल की जा रही है। मामले की शिकायत सीएमएचओ से की गई है, जबकि सामाजिक संगठन ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम बकिरमा निवासी  उर्मिला साहू के 22 वर्षीय पुत्र स्वर्गीय सुजल साहू की 30 मई 2026 को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अगले दिन 31 मई को पोस्टमार्टम भी कराया गया, लेकिन दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका।पीड़िता का आरोप है कि कई बार अस्पताल और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेजकर टाल दिया गया। इस कारण बीमा दावा, शासकीय सहायता तथा अन्य आवश्यक कानूनी कार्य लंबित पड़े हुए हैं, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहा है।

इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर की खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. साधना सिंह ने कहा कि जिस पंचायत क्षेत्र में मृत्यु हुई है, वहीं से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। वहीं अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मृत्यु और पोस्टमार्टम के बाद लागू प्रक्रिया संबंधी सवाल पर उन्होंने संबंधित सर्कुलर देखने के बाद ही स्पष्ट जानकारी देने की बात कही।

इधर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल पैकरा ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है। संबंधित बीएमओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया जाएगा।

वहीं हमर उत्थान सेवा समिति ने पूरे मामले को प्रशासनिक संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि अपने जवान बेटे को खो चुकी मां को एक आवश्यक दस्तावेज के लिए महीनों तक भटकाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। समिति ने निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को तत्काल मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने तथा लापरवाही के आरोपों के मद्देनजर संबंधित बीएमओ को पद से हटाने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर जनहित में आंदोलन किया जाएगा।

मृत्यु प्रमाण पत्र में देरी से बढ़ी मुश्किलें

मृत्यु प्रमाण पत्र बीमा दावा, बैंकिंग प्रक्रिया, उत्तराधिकार, शासकीय सहायता और अन्य कानूनी कार्यों के लिए आवश्यक दस्तावेज होता है। ऐसे में दो माह से अधिक समय तक प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से पीड़ित परिवार को आर्थिक, प्रशासनिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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