
सीधी। चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी है। बेमौसम बरसात ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल से लेकर कटाई के बाद खुले में रखी उपज तक को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे हालात में मध्यप्रदेश के सीधी जिले के एक किसान ने अपनी फसल को बारिश से बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर अनोखा तरीका अपनाया है।
पॉलिथीन से ढककर बचाई धान की फसल
सीधी जिले के ग्राम अमल्लकपुर निवासी किसान राजभान पटेल ने बारिश से फसल को सुरक्षित रखने के लिए देसी उपाय किया। उन्होंने बताया कि कटाई के दौरान बारिश शुरू होने पर धान की फसल के कुछ हिस्सों को एक जगह एकत्रित किया और ऊपर से पॉलिथीन की चादर बिछाकर ढक दिया। इससे बारिश का पानी सीधे फसल तक नहीं पहुंचा और उनकी कुछ उपज खराब होने से बच गई।
लगातार बारिश के बीच उनका यह उपाय काफी हद तक कारगर रहा। हालांकि, पॉलिथीन की मदद से वे अपनी कुल फसल का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा ही सुरक्षित रख सके।
बाकी फसल पर मंडरा रहा बर्बादी का खतरा
किसान राजभान पटेल के मुताबिक, खेत में काटकर छोड़ी गई बाकी धान की फसल के खराब होने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण उपज को भारी नुकसान पहुंच सकता है। उनका कहना है कि यदि अगले दो से तीन दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रहती है, तो बची हुई फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
बारिश और नमी से धान की गुणवत्ता पर असर
प्रदेश के कई जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कटाई के बाद खुले स्थानों पर रखी धान की फसल भीगने से दानों का रंग बदलने और उनमें फफूंद लगने का खतरा पैदा हो गया है। लंबे समय तक नमी बनी रहने से धान की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। वहीं, खेतों में खड़ी तैयार फसल के गिरने से भी नुकसान की आशंका बनी हुई है।
चक्रवाती तूफान ने बढ़ाई किसानों की चिंता
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर देश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति बन रही है और तैयार फसल को सुरक्षित रखना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। मौसम की इस स्थिति को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में मौसम विभाग की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। दूसरी ओर, प्रभावित किसानों को राहत और सहायता उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी कदम उठाए जा रहे हैं।




















