नई दिल्ली। बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में उन्हें दोषी ठहराया है। अदालत ने गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े आरोपों में उन्हें दोषी मानते हुए फैसला सुनाया है। निर्णय के बाद कोर्ट ने विधायक को हिरासत में भेजने का आदेश भी दिया।

नए साल की पार्टी में हुई थी मौत

यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक फार्म हाउस में नए साल का जश्न मनाया जा रहा था। आरोप है कि समारोह के दौरान राजू कुमार सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की थी। इसी दौरान चली गोली लगने से आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी।

घटना के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था और लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चलती रही।

अदालत ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि भीड़भाड़ वाले समारोह में हथियार का इस्तेमाल करना बेहद लापरवाही भरा कदम था। कोर्ट के अनुसार आरोपी को इस बात का अंदाजा होना चाहिए था कि ऐसी फायरिंग के गंभीर और घातक परिणाम हो सकते हैं। इसी आधार पर अदालत ने गैर-इरादतन हत्या का अपराध सिद्ध माना।

पत्नी और अन्य आरोपियों को राहत

मामले में विधायक की पत्नी रेनू सिंह को अदालत से राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। वहीं सह-आरोपी राणा राजेश सिंह और राजेंद्र सिंह को भी पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण दोषमुक्त कर दिया गया।

9 जून को तय होगी सजा

अब मामले में अगली सुनवाई 9 जून को होगी, जब अदालत सजा के मुद्दे पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी। इसी दिन यह तय होगा कि विधायक को कितनी सजा दी जाएगी।

राजनीतिक असर की भी चर्चा

राजू कुमार सिंह के दोषी ठहराए जाने के बाद बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कानूनी प्रक्रिया और सजा की अवधि के आधार पर उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सभी की निगाहें अब 9 जून को होने वाली सुनवाई और अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

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