
MP News: रक्षाबंधन और त्योहारी सीजन के बीच मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य विभाग के विशेष अभियान में दूध, घी, मावा और अन्य दुग्ध उत्पादों के हजारों नमूनों की जांच की गई। जांच के दौरान कई नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि कुछ घी उत्पादों में मिलावट पाए जाने की बात सामने आई है।
25 अगस्त तक चला विशेष अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में 20 जुलाई से 25 अगस्त 2026 तक विशेष खाद्य जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान दूध और उससे जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता पर खास निगरानी रखी गई।अभियान के तहत 4,642 नमूने लिए गए। इसके साथ ही करीब 11.73 लाख किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 5.61 करोड़ रुपये बताई गई है। इनमें दूध, घी, मावा और अन्य दुग्ध उत्पाद शामिल हैं।
कई जिलों में लिए गए घी के नमूने
खाद्य विभाग ने भोपाल, इंदौर, कटनी, उज्जैन, नर्मदापुरम, दमोह, डिंडोरी और धार से अलग-अलग ब्रांड के घी के नमूने एकत्र किए। जांच के लिए लिए गए 174 नमूनों में कई उत्पादों को असुरक्षित या मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।जिन ब्रांड्स के नमूनों की जांच की गई, उनमें अनिक, श्री सुधा प्रीमियम, रत्नागिरी, जेबीएस ओरगी, गौसंत, हम्बल, नंद किशोर घी, नंद कृष्णा, एसआरएमआई मिल्क देसी घी, वास्तु एगमार्क देसी घी के अलग-अलग उत्पाद, द्वारकेश, शगुन, दानेदार, भूमि, गोपी श्री, भूमि प्रीमियम प्योर, भूमि काऊ प्योर, अमृत और श्रीमूल समेत कई नाम शामिल हैं।विभाग के मुताबिक जांच में कुछ उत्पादों में पाम ऑयल की मौजूदगी सामने आई, जिसके आधार पर उन्हें मिलावटी माना गया है।
हजारों नमूनों की जांच, 18 लाइसेंस रद्द
अभियान के दौरान 2,605 लीगल नमूने और 2,037 सर्विलेंस नमूने लिए गए। राज्य खाद्य प्रयोगशाला ने अब तक 680 नमूनों की जांच रिपोर्ट जारी की है।रिपोर्ट के आधार पर खाद्य कारोबार से जुड़े 18 लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा चुके हैं। विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।त्योहारों के दौरान दूध और उससे बने उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य विभाग की यह कार्रवाई मिलावट पर रोक लगाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में अहम मानी जा रही है।




















