

मध्य प्रदेश : रीवा में आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं और अनधिकृत गतिविधियों पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने अचानक आरटीओ कार्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया और परिसर में मौजूद बाहरी लोगों व अनधिकृत वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
औचक निरीक्षण में सामने आईं कई शिकायतें
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी जब आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने पूरे परिसर का जायजा लिया। इस दौरान वर्षों से सक्रिय अनधिकृत वेंडर्स और बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी पर उन्होंने नाराजगी जताई। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद लोगों को जमकर फटकार लगाई और परिसर खाली करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही आरटीओ परिसर में बेहतर पार्किंग व्यवस्था बनाने और आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
दलाली और अवैध वसूली की शिकायतों के बाद कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से बाहरी लोगों द्वारा दलाली, पैसों की वसूली और आम लोगों के साथ अनुचित व्यवहार किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी प्रशासन तक पहुंची थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर कलेक्टर ने अचानक निरीक्षण किया।
महिलाओं से व्यवहार को लेकर वेंडर को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान एक अनधिकृत वेंडर से महिलाओं के साथ कथित अशोभनीय व्यवहार को लेकर कलेक्टर ने सवाल किया। वेंडर ने सफाई देते हुए कहा कि महिलाएं गाली देती हैं। इस पर कलेक्टर नाराज हो गए और उसे फटकार लगाते हुए मर्यादा में रहने की चेतावनी दी।कलेक्टर ने साफ कहा कि अगर लोगों के साथ गलत व्यवहार किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आरटीओ परिसर में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरटीओ परिसर में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की गतिविधियां पूरी तरह बंद की जाएं। उन्होंने व्यवस्था को पारदर्शी बनाने, नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने और भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा न आने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद आरटीओ कार्यालय की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अब प्रशासन की अगली चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि यह बदलाव केवल निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि लंबे समय तक प्रभावी बना रहे।











