
Rahul Gandhi MP visit: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 12 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचने वाले हैं। उनके दौरे से पहले ही प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे का स्वागत करते हुए कांग्रेस के पुराने शासनकाल को लेकर कई सवाल खड़े किए और उनसे जनता के सामने जवाब देने की मांग की।
राहुल गांधी आएं और पुराने शासन का हिसाब दें: मोहन यादव
भोपाल में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी मध्य प्रदेश आ रहे हैं, उनका स्वागत है। हालांकि, उन्हें प्रदेश की जनता के सामने कांग्रेस और अपने परिवार के लंबे राजनीतिक शासनकाल का हिसाब भी रखना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता जागरूक है और वह इतिहास को भी जानती है तथा वर्तमान परिस्थितियों को भी समझती है। उन्होंने राहुल गांधी से अपील करते हुए कहा कि जनता के बीच आकर उनके परिवार के शासनकाल में हुई गलतियों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
परिवार के कई प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल का उठाया मुद्दा
मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी के परनाना, दादी और पिता लंबे समय तक देश की सत्ता में रहे। ऐसे में राहुल गांधी जब मध्य प्रदेश की जनता के बीच आएं तो उन्हें उस दौर से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि उस लंबे शासनकाल के दौरान देश और मध्य प्रदेश के सामने जो समस्याएं थीं, उनका समाधान किस तरह किया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब राहुल गांधी के आने का इंतजार कर रही है ताकि वह इन मुद्दों पर जवाब दे सकें।
छात्रों के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने कार्यकाल को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय स्कूली छात्रों को लैपटॉप और साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती थीं और शिक्षा विभाग की स्थिति भी बेहतर नहीं थी।उन्होंने यह भी दावा किया कि आजादी के बाद मध्य प्रदेश में लंबे समय तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या बेहद कम रही, जबकि अब प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में काफी विस्तार हुआ है।
12 सितंबर को इंदौर आएंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर में छात्रों से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके दौरे को लेकर कांग्रेस की तैयारियां जारी हैं। वहीं, मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद राहुल गांधी की यात्रा से पहले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।




















