मऊगंज। जिला बनने के बाद जहां विकास की उम्मीदें जगी थीं, वहीं अब जमीनी हकीकत डराने वाली तस्वीर पेश कर रही है। नगर परिषद क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का तेजी से फैलाव हो रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। न सड़क, न नाली और न ही जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था, नतीजतन पूरा इलाका गंदगी और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है।

गंदे पानी से घिरे घर, पीने के लिए भी नहीं सुरक्षित पानी
वार्ड क्रमांक 03, 04, 06 और 08 के हालात बेहद चिंताजनक बताए जा रहे हैं। यहां नालियों के अभाव और जाम जल निकासी के कारण गंदा पानी सड़कों से होते हुए घरों तक पहुंच रहा है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यही दूषित पानी कुओं और बोरवेल तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों को मजबूरी में असुरक्षित पानी पीना पड़ रहा है।

कचरे से भरी नालियां बनीं संक्रमण का अड्डा
इलाके में जहां-तहां कचरे से भरी नालियां बदबू और संक्रमण का केंद्र बन चुकी हैं। गर्मी के मौसम में जहां लोग पानी के लिए परेशान रहते हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों और खाली प्लाटों में गंदा पानी तालाब की तरह जमा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।

बारिश में हालात और बिगड़ते, घरों में भरता है घुटनों तक पानी
बरसात के मौसम में समस्या और विकराल रूप ले लेती है। घरों के अंदर तक घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे अनाज और घरेलू सामान खराब हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जबकि साफ पेयजल की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती बन गई है।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान, लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद और प्रशासन से शिकायत की, यहां तक कि सीएम हेल्पलाइन में भी मामला दर्ज कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कलेक्टर ने दिया भरोसा, जल्द होगा समाधान
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए आश्वासन दिया है कि समस्या के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बंद पड़ी नालियों के निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान हालात काबू में रखे जा सकें।

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