रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दोना-पत्तल बनाने की मशीन उपलब्ध कराने और हर महीने मोटी कमाई का झांसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। डीडी नगर थाना पुलिस ने कंपनी संचालक शैलेंद्र रजक और उसकी कंपनी न्यू ममता प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों का दावा है कि इस पूरे मामले में 10 से 12 करोड़ रुपये तक की ठगी की गई है।

सोशल मीडिया के जरिए फंसाए गए लोग

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को दोना-पत्तल निर्माण का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया। विज्ञापनों में कम निवेश में अधिक मुनाफा और रोजगार का दावा किया गया, जिससे कई राज्यों के लोग इस योजना से जुड़ गए।

चार राज्यों के लोगों से निवेश कराने का आरोप

पीड़ितों के मुताबिक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार सहित कई राज्यों के लोगों ने मशीन खरीदने के नाम पर लाखों रुपये जमा किए। आरोप है कि मशीन उपलब्ध कराने और रोजगार दिलाने के बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन बाद में कंपनी ने अपने वादे पूरे नहीं किए।

50 से ज्यादा पीड़ित पहुंचे डीडी नगर थाना

मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 50 से अधिक पीड़ित रायपुर के डीडी नगर थाना पहुंचे और आरोपी शैलेंद्र रजक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि भारती महिला शक्ति फाउंडेशन और उसके संचालक ने सुनियोजित तरीके से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित कर ठगी की।

बाय-बैक का वादा भी निकला झूठा

पीड़ितों का कहना है कि उन्हें करीब 3.75 लाख रुपये की मशीन खरीदने पर तैयार उत्पाद वापस खरीदने यानी 'बाय-बैक' की गारंटी दी गई थी। दावा किया गया था कि इससे हर महीने 60 से 70 हजार रुपये तक की निश्चित आय होगी। लेकिन अब न तो कंपनी तैयार माल खरीद रही है और न ही मशीनों के रखरखाव या अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

पुलिस ने शुरू की जांच

डीडी नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी शैलेंद्र रजक और न्यू ममता प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और निवेश, लेनदेन तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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