

नई दिल्ली: देश में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पेट्रोलियम मंत्रालय की इकाई पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) को पेट्रोल उत्पादन, आयात, इथेनॉल खरीद और मिश्रण से जुड़े ऐतिहासिक आंकड़े सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश एक आरटीआई आवेदन पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया, जिसमें आयोग ने पाया कि आवेदक को मांगी गई जानकारी का केवल आंशिक हिस्सा ही उपलब्ध कराया गया था। सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी ने पीपीएसी को शेष सूचनाएं उपलब्ध कराने और संबंधित प्रश्नों पर संशोधित जवाब देने के निर्देश दिए हैं।आरटीआई आवेदन में वर्ष 2014-15 से देश में पेट्रोल उत्पादन और आयात, इथेनॉल खरीद एवं खपत, इथेनॉल मिश्रण से जुड़े नियम और अधिसूचनाएं, आपूर्तिकर्ताओं का विवरण तथा पेट्रोल बिक्री से होने वाले मुनाफे से संबंधित छह श्रेणियों की जानकारी मांगी गई थी।आयोग ने पीपीएसी को इथेनॉल मिश्रण संबंधी नियमों और दिशानिर्देशों के लिए संबंधित वेब लिंक उपलब्ध कराने तथा इथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं से जुड़े प्रश्नों को संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण को भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही कंपनी-वार पेट्रोल आपूर्तिकर्ताओं की जानकारी उपलब्ध न कराने की स्थिति में आरटीआई अधिनियम के तहत लागू छूट प्रावधानों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया है।
पीपीएसी ने अपने जवाब में कहा था कि पेट्रोल के आयात, निर्यात और राज्यवार आंकड़े उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, जबकि कंपनी-विशिष्ट जानकारी व्यावसायिक और गोपनीय प्रकृति की होने के कारण सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(डी) और 8(1)(ई) के तहत सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
सुनवाई के दौरान आवेदक ने आयोग को बताया कि वह वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं तक पहुंच नहीं बना सका और उसे मांगी गई जानकारी पूरी तरह नहीं मिली। इसके बाद आयोग ने मामले में विस्तृत और संशोधित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए।











