
देश : जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने 30 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की। तय कार्यक्रम के मुताबिक, दूसरे चरण की जनगणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित होगी। इसके लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि यानी रात 12 बजे निर्धारित की गई है।
10 जनवरी से 24 जनवरी तक ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प
नागरिकों को जनगणना से पहले अपनी जानकारी खुद दर्ज करने का विकल्प भी मिलेगा। इसके लिए 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक की अवधि तय की गई है। इसके बाद 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक रिविजनल राउंड आयोजित होगा। इस दौरान जनगणना से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा और जरूरी सुधार किए जाएंगे।हालांकि, विधानसभा चुनाव और अत्यधिक बर्फबारी जैसी परिस्थितियों को देखते हुए कुछ राज्यों और क्षेत्रों के लिए अलग कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये का बजट
केंद्र सरकार ने जनगणना की पूरी प्रक्रिया के लिए 11,718 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी प्रभावित इलाकों में इस चरण के दौरान जनगणना नहीं कराई जाएगी।
वहीं, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्यों के लिए भी अलग समय-सारिणी तय की गई है। इन राज्यों में मार्च-अप्रैल 2027 के दौरान विधानसभा चुनाव प्रस्तावित होने के कारण सामान्य कार्यक्रम लागू नहीं होगा। उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में घर-घर जाकर जनगणना की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक पूरी की जाएगी।
इस बार जनगणना में जुटेंगे जातिगत आंकड़े
जनगणना आयुक्त की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, निर्धारित अपवाद वाले राज्यों और क्षेत्रों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का काम होगा।इस बार की जनगणना में जातिगत आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। इसे इस पूरी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।




















