

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो संदेश के जरिए देश के युवाओं को संबोधित करते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा पद्धति विकसित करना समय की जरूरत है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले पेपर माफिया तथा पेपर लीक गिरोह को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें परीक्षा प्रणाली को विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है और फास्ट-ट्रैक व्यवस्था विकसित की जा रही है। साथ ही राज्यों के सुझावों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
पेपर लीक की समस्या पर जताई चिंता
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों से विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकारों को पेपर लीक जैसी चुनौती का सामना करना पड़ा है। इसके कारण लाखों युवाओं के भविष्य पर संकट पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए पूरे देश में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार अनिवार्य हो गया है।
परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल पर बल
प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सकता है।
पेपर माफिया पर होगी सख्त कार्रवाई
पीएम मोदी ने कहा कि देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले पेपर माफिया और पेपर लीक गिरोह के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानूनों की आवश्यकता थी और सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
संसद से पारित हुआ सख्त कानून
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार इस संबंध में एक कड़ा विधेयक संसद में लेकर आई थी। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित कर दिया गया है। उनके अनुसार, इस कानून के लागू होने से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
‘विकसित भारत’ के संकल्प में युवाओं से मांगा सहयोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा पद्धति की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया।










