

नई दिल्ली : राजधानी नई दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान यमुना के बढ़ते जलस्तर से होने वाली बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब रिंग रोड के किनारे एक मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी, जिससे रिहायशी इलाकों को बाढ़ से बचाया जा सकेगा।
मजनू का टीला से ORB तक बनेगी सुरक्षा दीवार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, यह दीवार मजनू का टीला से लेकर ओल्ड रेलवे ब्रिज तक करीब 4.72 किलोमीटर लंबी होगी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य यमुना का पानी शहर के अंदर घुसने से रोकना है।
संवेदनशील इलाकों को मिलेगा सुरक्षा कवच
यह दीवार खास तौर पर सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे इलाकों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। ये वे क्षेत्र हैं जो हर साल बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
इतिहास से सबक: 1978 और 2023 जैसी स्थिति से बचाव
दिल्ली में 1978 की भीषण बाढ़ के बाद 2023 में भी हालात गंभीर हो गए थे, जब यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर 207.48 मीटर तक पहुंच गया था। ऐसे हालातों ने स्थायी समाधान की जरूरत को और मजबूत किया।
वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर तैयार योजना
इस परियोजना को Central Water and Power Research Station के विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। संयुक्त बाढ़ समिति की सिफारिशों के बाद इस योजना को अंतिम रूप दिया गया।
50 करोड़ की लागत: मजबूत और संतुलित निर्माण
करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस दीवार का निर्माण सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग करेगा। योजना के तहत लगभग 850 मीटर हिस्सा कंक्रीट से और शेष करीब 3.87 किलोमीटर हिस्सा ईंट-पत्थर से तैयार किया जाएगा, ताकि मजबूती और लागत दोनों का संतुलन बना रहे।
दिल्ली के लिए गेमचेंजर योजना: हर साल की परेशानी का समाधान
यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि राजधानी के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा योजना है। इसके पूरा होने के बाद हर साल बाढ़ के दौरान होने वाली परेशानी और नुकसान में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।

































