

डोंगरगढ़ | छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। बेरोजगारी का फायदा उठाकर एक महिला से लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
नौकरी का झांसा देकर मांगे 4 लाख रुपये
पीड़िता ललिता सिंह, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम अछोली ने थाना डोंगरगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि नवंबर 2025 में आरोपी आशीष पुर्ती और उसके साथी काली राम पार्कर, निवासी जिला दुर्ग, ने उन्हें एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में काउंसलर पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
इसके बदले आरोपियों ने 4 लाख रुपये की मांग की और शुरुआती चरण में 2 लाख रुपये ले लिए।
पैसे लेने के बाद नौकरी भी नहीं, न रकम वापस
पीड़िता के अनुसार पैसे लेने के बाद न तो नौकरी दिलाई गई और न ही रकम वापस की गई। लंबे समय तक टालमटोल के बाद जब सच्चाई सामने आई, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी आशीष पुर्ती, उम्र 43 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 04, अंश होटल के पीछे, डोंगरगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे 14 अप्रैल 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ठगी के बढ़ते मामलों पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि नौकरी के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को झांसे में लेकर ठग गिरोह सक्रिय हैं।
पुलिस की अपील: सावधानी जरूरी
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या एजेंसी के झांसे में आकर नौकरी के नाम पर पैसे न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर समय रहते रोक लगाई जा सके।

































