

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार को प्रमुख नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया। यह लगातार चौथा मौका है, जब आरबीआई एमपीसी ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह निर्णय वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच लिया गया।
रेपो रेट में आखिरी बार बदलाव दिसंबर, 2025 की आरबीआई एमपीसी की बैठक में किया गया था। इस दौरान रेपो रेट को 5.50 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया था।
RBI ने स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) की दर 5 प्रतिशत, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) और बैंक रेट को 5.5 प्रतिशत पर यथावत रखा है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अमेरिका द्वारा नए शुल्क (टैरिफ) लगाए जाने से वैश्विक व्यापार अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। वहीं, पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल रही है।
अर्थशास्त्रियों ने पहले ही अनुमान जताया था कि छह सदस्यीय MPC इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगी और तटस्थ नीति रुख बनाए रखेगी।
हाल के महीनों में महंगाई दर में कुछ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अभी भी RBI द्वारा निर्धारित सहनशीलता दायरे के भीतर बनी हुई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया की स्थिति केंद्रीय बैंक के लिए प्रमुख चिंता के विषय बने हुए हैं।
इसके साथ ही घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। बेहतर आर्थिक गतिविधियां, अनुकूल मानसून और विदेशी पूंजी निवेश में मजबूती से विकास को समर्थन मिल रहा है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में शुरुआती दबाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई और आर्थिक वृद्धि दोनों को लेकर अभी भी पर्याप्त जोखिम बने हुए हैं।
गौरतलब है कि जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में भी MPC ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा था। उस समय RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया था।










