
सूरजपुर: जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा 17 सितम्बर 2026 को अधोहस्ताक्षरकर्ता के द्वारा शासकीय उ.मा.वि. सिलफिली का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्था में कार्यरत देवी प्रसाद राजवाड़े सहा. ग्रेड-3 अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाये गये। संस्था में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों के द्वारा अवगत कराया गया कि श्री देवी प्रसाद विगत कुछ दिनों से विद्यालय नहीं आ रहे हैं और जब विद्यालय आते हैं तो नशे की हालत में आते हैं। इनके द्वारा विद्यालय में सहकर्मियों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया जाता है। श्री देवी प्रसाद राजवाड़े के द्वारा खण्ड-खण्ड में वेतन देयक तैयार किया जा रहा है। इनके द्वारा प्राचार्य एवं स्वयं का वेतन पहले आहरण कर लिया गया तथा दुसरी बार में संस्था में कार्यरत 14 कर्मचारियों का वेतन आहरण किया गया। संस्था में कार्यरत 11 कर्मचारियों का वेतन देयक तैयार नहीं किया गया है जिससे संबंधित कर्मचारियों को माह अगस्त 2026 का वेतन आज दिनांक तक अप्राप्त है।
देवी प्रसाद राजवाड़े का उक्त कृत्य शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं उदासिनता को दर्शाता है जो छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के सर्वथा विपरित है। प्रकरण में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा देवी प्रसाद राजवाड़े सहायक ग्रेड-3 शास. उ.मा.वि. सिलफिली वि.ख. सूरजपुर जिला-सूरजपुर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में देवी प्रसाद राजवाड़े सहा. ग्रेड-3 शास. उ.मा.वि. सिलफिली वि.ख. सूरजपुर जिला-सूरजपुर का मुख्यालय शास. उ.मा.वि. बालक बिहारपुर विकासखण्ड-ओड़गी जिला सूरजपुर नियत किया गया है। निलंबन काल में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।




















