मध्य प्रदेश : Bandhavgarh Tiger Reserve में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। पार्क के सबसे संवेदनशील ताला गेट से एक निजी इनोवा कार कोर क्षेत्र में प्रवेश कर गई, जबकि यहां सिर्फ अधिकृत वाहनों को ही अनुमति होती है। इस घटना के सामने आते ही पूरे प्रबंधन में हड़कंप मच गया।

बीट गार्ड की मौजूदगी में हुआ प्रवेश, लापरवाही उजागर
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम एक निजी वाहन, जिसमें तीन पर्यटक सवार थे, बिना किसी वैध परमिशन के सीधे कोर जोन में घुस गया। हैरानी की बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात बीट गार्ड की मौजूदगी में ही वाहन गेट पार कर गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

कोर जोन में सिर्फ जिप्सी को अनुमति, निजी गाड़ियों पर पूरी तरह रोक
टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए केवल पंजीकृत सफारी जिप्सी को ही प्रवेश दिया जाता है। निजी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में इनोवा का जंगल के अंदर घूमना नियमों की खुली अनदेखी माना जा रहा है।

अन्य पर्यटकों ने दी सूचना, तुरंत हरकत में आया प्रबंधन
घटना की जानकारी वहां मौजूद अन्य पर्यटकों और जिप्सी चालकों ने अधिकारियों को दी। इसके बाद पार्क प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन को बाहर निकलवाया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

तुरंत एक्शन, गेट प्रभारी वन रक्षक निलंबित
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए ताला गेट के प्रभारी वन रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सुरक्षा में बड़ी चूक है और इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।

मिलीभगत की आशंका, जांच में खुल सकते हैं और राज
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर निजी वाहन को अंदर जाने की अनुमति कैसे मिली। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसमें अन्य कर्मचारियों की भूमिका तो नहीं है।

सवाल बड़ा, क्या वन्यजीवों की सुरक्षा से हो रहा समझौता
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। आने वाली जांच रिपोर्ट से इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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