

दिल्ली : राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि ‘PUC नहीं तो फ्यूल नहीं’ नियम को अब पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।
बिना PUC वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल
नई व्यवस्था के तहत अब दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर ऐसे वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा जिनके पास वैध Pollution Under Control प्रमाणपत्र नहीं होगा। यानी बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहन अब पेट्रोल और डीजल से वंचित रहेंगे।
पेट्रोल पंपों को स्पष्ट निर्देश जारी
राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों और गैस स्टेशनों को आदेश दिया गया है कि इस नियम का कड़ाई से पालन करें। किसी भी लापरवाही की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
कई विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई विभागों को जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें शामिल हैं
- परिवहन विभाग
- दिल्ली ट्रैफिक पुलिस
- नगर निगम
- खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
इन सभी एजेंसियों को जमीनी स्तर पर निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर कड़ा एक्शन तय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि नियमों के पालन में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर वाहन जब्ती और भारी जुर्माने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण पर लगाम लगाने की बड़ी पहल
सरकार का मानना है कि यह कदम वाहन जनित प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पहले भी यह नियम शुरू किया गया था, लेकिन अब इसे और अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है।
साफ संदेश: नियम तोड़ने वालों पर सख्ती तय
सरकार ने साफ कर दिया है कि दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

































