कोरिया:  कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर के आईसी मार्ट से जुड़े पूजा पैकरा आत्महत्या मामले में पुलिस ने फरार चल रहे तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) न्यायालय, बैकुण्ठपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा जारी करने का अनुरोध किया है। मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।पुलिस के अनुसार थाना बैकुण्ठपुर में अपराध क्रमांक 214/2026 दर्ज किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 107, 308(2), 309(4) तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

नाबालिग बहनों पर चोरी का आरोप लगाने का आरोप

पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, मृतका पूजा पैकरा के पिता शिवनाथ पैकरा ने 9 जुलाई 2026 को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 7 जुलाई को उनकी 17 वर्षीय बेटी पूजा अपनी 15 वर्षीय छोटी बहन छाया के साथ बैकुण्ठपुर स्थित आईसी मार्ट सामान खरीदने गई थी।

दरअसल आरोप है कि मार्ट संचालक विनोद बैद, दीपक बैद, जगत बैद और सारिका बैद ने दोनों नाबालिग बहनों पर चोरी का आरोप लगाया। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर नाबालिगों से सामानों की सूची बनवाई और एक पर्चे में यह लिखवाया कि पूजा और उसकी बहन छाया ने आईसी मार्ट से चोरी की है।इसके बाद आरोपियों द्वारा 50 हजार रुपये की मांग किए जाने तथा पूजा की स्कूटी की चाबी अपने पास रख लेने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, पैसे देने के बाद ही स्कूटी की चाबी वापस करने की बात कही गई।

स्कूटी वापस नहीं करने का आरोप

पुलिस दस्तावेज के मुताबिक, पूजा ने घटना की जानकारी उप निरीक्षक अलंगो दास को दी और मदद मांगी। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने मार्ट संचालक विनोद बैद से संपर्क किया। आरोप है कि 20 हजार रुपये देने की बात होने के बावजूद उसी समय स्कूटी वापस नहीं की गई। स्कूटी को गोदाम में रखने और स्टाफ के उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई।अगले दिन 8 जुलाई को पीड़ित पक्ष ने कई बार संपर्क किया, लेकिन कथित तौर पर स्कूटी वापस नहीं की गई। इसी दौरान पूजा के पिता को अकेले बुलाकर स्कूटी वापस करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप है।

घटना के बाद पूजा ने की आत्महत्या

आरोप लगाया गया है कि लगातार दबाव और भय के चलते 17 वर्षीय पूजा मानसिक रूप से परेशान हो गई। परिवार की बदनामी और घटना सामने आने के डर से वह कथित तौर पर इस कदर तनाव में आ गई कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। इस मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी विनोद बैद, पिता स्वर्गीय इन्दरचंद बैद, उम्र करीब 50 वर्ष, को 12 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। वहीं विवेचना के दौरान सारिका बैद की भूमिका सामने आने पर उसका नाम भी आरोपी के रूप में जोड़ा गया।

तीन आरोपी अब भी फरार

पुलिस के अनुसार, मामले में दीपक बैद, जगत बैद और सारिका बैद की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन वे अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। आरोपियों के फरार होने के संबंध में अलग-अलग फरारी पंचनामा तैयार किया गया है।पुलिस ने आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की जानकारी भी जुटाई है। इसमें जगत बैद की अचल संपत्ति बैकुण्ठपुर के तलवापारा में होना बताया गया है, जबकि दीपक बैद और सारिका बैद की अचल संपत्ति निरंक बताई गई है।अब पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष न्यायालय से धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा जारी करने की अनुमति मांगी है। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी वांछित है और न्यायालय के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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