जशपुर: जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने अनुशासनहीनता और लंबे समय तक अनधिकृत अनुपस्थिति के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरक्षकों के खिलाफ कड़ा फैसला लिया है। विभागीय जांच के बाद तीन आरक्षकों को सेवा से पृथक कर दिया गया, जबकि दो अन्य को गंभीर दंड से दंडित किया गया है।

पुलिस विभाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कर्तव्य के प्रति घोर उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और बार-बार बिना सूचना के गैरहाजिर रहने के मामलों में पुलिस रेगुलेशन 221(अ) के तहत कार्रवाई की गई। जांच में दोषी पाए गए आरक्षक संतोष कुमार राम, नेल्सन तिग्गा और अशोक कुमार एक्का को सेवा से पृथक कर दिया गया है।

वहीं आरक्षक इरीमियस कुजूर को एक वेतन वृद्धि के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से तथा आरक्षक बिंदेश्वर राम को न्यूनतम वेतनमान में लाने का दंड दिया गया है, जिसका असर उनकी भविष्य की वेतन वृद्धि और पेंशन पर भी पड़ेगा।जांच में सामने आया कि संबंधित आरक्षक वर्षों से अलग-अलग अवधियों में लंबे समय तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते रहे थे। कई बार चेतावनी, नोटिस और सुधार के अवसर दिए जाने के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। सेवा पुस्तिका के अवलोकन में भी उनके खिलाफ पूर्व में कई दंडात्मक कार्रवाइयों का रिकॉर्ड पाया गया।डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है। कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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