पश्चिम बंगाल : विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान दर्ज होने के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। 92.88 प्रतिशत की औसत वोटिंग ने जहां चुनावी प्रक्रिया में जनता की मजबूत भागीदारी दिखाई है, वहीं अब नेताओं के बीच बयानबाज़ी भी तेज हो गई है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने चुनावी रुझानों पर तीखी टिप्पणी की है।

केजरीवाल का बयान, SIR पर केंद्रित राजनीतिक तंज
अरविंद केजरीवाल ने अपने पोस्ट में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में “SIR के खिलाफ जमकर वोटिंग” हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि “मोदी जी का SIR उनके ही खिलाफ जा रहा है”, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।उनके इस बयान को चुनावी माहौल और मतदान के रुझानों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।

पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान
पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ, जिसमें राज्य के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर वोटिंग कराई गई। इनमें उत्तरी बंगाल और दक्षिणी बंगाल के कई प्रमुख जिले शामिल रहे।उत्तरी बंगाल में कूचबिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा शामिल हैं। वहीं दक्षिणी बंगाल में मुर्शिदाबाद, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धमान और बीरभूम जैसे जिले शामिल रहे।

जिलावार मतदान ने दिखाया मजबूत जनभागीदारी का संकेत
पहले चरण में कई जिलों में बेहद ऊंचा मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। कूचबिहार में 96.04 प्रतिशत, दक्षिण दिनाजपुर में 95.44 प्रतिशत, बीरभूम में 94.51 प्रतिशत और जलपाईगुड़ी में 94.65 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई।वहीं दार्जिलिंग में 88.80 प्रतिशत और पश्चिम बर्धमान में 90.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत से काफी मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।

2021 की तुलना में बढ़ा मतदान, सियासी विश्लेषण तेज
चुनाव आयोग के अनुसार इस बार पहले चरण में 92.88 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के 81.56 प्रतिशत से काफी अधिक है। यह बढ़ा हुआ मतदान राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है।आमतौर पर अधिक मतदान को सत्ता विरोधी लहर से जोड़कर देखा जाता है, हालांकि यह हर बार सही साबित नहीं होता।

TMC और BJP दोनों का दावा मजबूत, सियासी मुकाबला दिलचस्प
भारी मतदान के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाज़ी और तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी दोनों ही इस वोटिंग पैटर्न को अपने पक्ष में बता रहे हैं और जीत के दावे कर रहे हैं।

अब आगे के चरणों पर टिकी नजरें, बढ़ेगा सियासी तापमान
पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग के बाद अब सभी की नजरें आगामी चरणों पर हैं। जिस तरह से मतदान प्रतिशत और राजनीतिक बयानबाज़ी सामने आ रही है, उससे साफ है कि पश्चिम बंगाल का चुनावी मुकाबला आने वाले दिनों में और अधिक रोचक होने वाला है।

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