

छत्तीसगढ़ : बालोद जिले में शादी के सीजन के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। धमतरी-जगदलपुर नेशनल हाईवे-30 पर बारातियों से भरी बस में अचानक आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
रात 12 बजे हुआ हादसा, हाईवे पर मचा हड़कंप
यह घटना रविवार देर रात करीब 12 बजे पुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम जगतरा के पास हुई। बस कांकेर जिले के अरौद (चारामा) गांव से बारात लेकर बालोद जिले के बड़गांव (डौंडीलोहारा) जा रही थी। जैसे ही बस जगतरा टोल प्लाजा के आगे पहुंची, अचानक तकनीकी खराबी के बाद स्थिति बिगड़ गई।
धुआं भरते ही मची अफरा-तफरी, यात्रियों ने दिखाई समझदारी
52 सीटर बस में करीब 50 से 60 बाराती सवार थे। गियर बॉक्स के पास खराबी आने के बाद बस के अंदर तेजी से धुआं भरने लगा। स्थिति को भांपते ही चालक ने तुरंत बस रोक दी और यात्रियों को बाहर निकलने को कहा।
कुछ यात्री उस समय सो रहे थे, जिन्हें अन्य लोगों ने जगाकर सुरक्षित बाहर निकाला।
खिड़कियों से कूदकर बचाई जान, कुछ ही मिनटों में बस आग का गोला
धुआं बढ़ते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग दरवाजों व खिड़कियों से कूदकर बाहर निकलने लगे। यात्रियों की सूझबूझ से सभी लोग सुरक्षित बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई।
कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और लगभग 5 मिनट के भीतर बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
सामान जलकर राख, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
बस में रखा यात्रियों का सामान, बैग और अन्य जरूरी वस्तुएं भी जल गईं। सूचना मिलते ही पुरूर पुलिस मौके पर पहुंची और धमतरी से फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। करीब डेढ़ से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
बाद में रात करीब 2 बजे बारातियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर सुरक्षित उनके गंतव्य तक भेजा गया।
शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है। हालांकि असली कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बड़ा हादसा टला, लेकिन उठे सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और बसों की तकनीकी जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि समय रहते सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल गए, वरना हादसा बड़ा रूप ले सकता था।

































