जिला अस्पताल पहुंचते ही तोड़ा दम, खराब सड़क, लंबा रेफरल और अधूरी स्वास्थ्य सुविधाओं ने राजपुर अस्पताल उन्नयन की मांग को फिर किया तेज

बलरामपुर/राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरितिमा गेट के पास निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल शिवपुर निवासी धनराज रवि की जिला अस्पताल अंबिकापुर पहुंचते ही मौत हो गई। शुक्रवार शाम हुई इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की जर्जर सड़क व्यवस्था, दुर्घटनाओं के बढ़ते खतरे और राजपुर में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार धनराज रवि राजपुर से गैस सिलेंडर लेकर अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन सड़क पर उड़ रही धूल और कम दृश्यता के बीच अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए अंबिकापुर रेफर किया गया, लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी।

गौरतलब है कि एनएच-343 का निर्माण कार्य लंबे समय से जारी है और सड़क पर धूल, गड्ढे तथा सुरक्षा मानकों की कमी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों के लिए "गोल्डन ऑवर" सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन राजपुर में ट्रॉमा और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को अंबिकापुर या मेडिकल कॉलेज तक भेजना पड़ता है। कई बार लंबी दूरी, खराब सड़क और समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण मरीजों की जान चली जाती है। धनराज रवि की मौत ने एक बार फिर ग्रामीण और आदिवासी अंचल के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सामने ला दिया है।

मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची मांग

राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल अथवा उप जिला अस्पताल में उन्नयन कर जिला अस्पताल स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन के सरगुजा संभाग अध्यक्ष अभिषेक कुमार सोनी और  लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य संचालक, कलेक्टर बलरामपुर, सीएमएचओ तथा संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर राजपुर क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाया है। उनके द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में राजपुर की बढ़ती जनसंख्या, आदिवासी बहुल क्षेत्र, दूरस्थ भौगोलिक स्थिति, लगातार होने वाली सड़क दुर्घटनाएं तथा गंभीर मरीजों के लंबी दूरी तक रेफर होने की समस्या का विस्तृत उल्लेख किया गया है।

प्रयासों के बाद कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्र प्रेषित किया। कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध संसाधन क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त नहीं हैं और अस्पताल उन्नयन के संबंध में आवश्यक परीक्षण एवं प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के संचालक कार्यालय द्वारा भी संबंधित जानकारी मांगी गई है। प्रस्तावित उन्नयन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना, 24×7 आपातकालीन सेवा, ट्रॉमा यूनिट, आईसीयू, एचडीयू, ब्लड स्टोरेज यूनिट, आधुनिक जांच सुविधाएं तथा अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था शामिल है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि राजपुर अस्पताल का उन्नयन शीघ्र होता है तो हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलेगा, गंभीर मरीजों के रेफरल कम होंगे और दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी। धनराज रवि की मौत ने एक बार फिर यह एहसास करा दिया है कि राजपुर क्षेत्र में अस्पताल उन्नयन अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुका है।

शासन स्तर पर शुरू हुई प्रक्रिया, राजपुर अस्पताल उन्नयन की दिशा में बढ़े कदम

जानकारी के अनुसार राजपुर अस्पताल उन्नयन की मांग पर अब शासन स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय ने सीएमएचओ बलरामपुर से इस संबंध में जानकारी मांगी है। इसके बाद सीएमएचओ ने राजपुर बीएमओ से अस्पताल की वर्तमान सुविधाओं और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की है। यह जानकारी संबंधित कार्यालयों के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। इससे राजपुर अस्पताल के उन्नयन को लेकर क्षेत्रवासियों में नई उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं।मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर स्वास्थ्य संचालनालय, सीएमएचओ और बीएमओ स्तर तक जानकारी मांगे जाने की प्रक्रिया इस बात का संकेत है कि शासन इस मांग को गंभीरता से देख रहा है। ऐसे में क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में राजपुर अस्पताल के उन्नयन को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है, जिससे वर्षों से चली आ रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग पूरी होने का रास्ता प्रशस्त होगा।

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