नई दिल्ली:  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को BIMSTEC गृह मंत्रियों की पहली बैठक को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास, खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वित कार्रवाई की जरूरत है।

अमित शाह ने जोर देकर कहा कि BIMSTEC क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों, संगठित अपराध और नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सदस्य देशों से आतंकवादी संगठनों को पनाह देने, उनकी भर्ती, प्रशिक्षण और वित्तीय मदद रोकने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग जरूरी

गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवादी और आपराधिक नेटवर्क राष्ट्रीय सीमाओं से परे सक्रिय रहते हैं और विभिन्न क्षेत्रों की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं। ऐसे में इन चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के सुरक्षा तंत्र के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

उन्होंने भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वैश्विक आतंकवाद, संगठित अपराध और ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ BIMSTEC कन्वेंशन को भी प्रभावी ढंग से लागू करना महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, बदलते आपराधिक तौर-तरीकों को देखते हुए देशों के बीच सहयोग और सूचनाओं का आदान-प्रदान और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।

पिछले 12 वर्षों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

अमित शाह ने पिछले 12 वर्षों में भारत की ओर से आतंकवाद से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने मजबूत कानूनी व्यवस्था, संस्थागत सुधार, खुफिया सूचनाओं के बेहतर समन्वय, सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक लगाने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने पुलिस और सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण तथा साइबर सुरक्षा क्षमताओं के विस्तार का भी जिक्र किया। इन प्रयासों से देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है। गृह मंत्री ने सुरक्षित वातावरण, विकास और राष्ट्रीय मजबूती के लिए आतंकवाद के खिलाफ निरंतर कार्रवाई को आवश्यक बताया।

1.7 अरब आबादी वाले क्षेत्र की सुरक्षा पर फोकस

BIMSTEC यानी ‘बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन’ सात देशों का क्षेत्रीय संगठन है। इसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं।

इस क्षेत्र में करीब 1.7 अरब लोग रहते हैं, जो विश्व की आबादी का लगभग 22 प्रतिशत है। इसका संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद (GDP) करीब 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर बताया गया है।BIMSTEC गृह मंत्रियों की पहली बैठक का उद्देश्य आतंकवाद, संगठित अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना है। भारत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित और स्थिर BIMSTEC क्षेत्र के निर्माण के लिए सदस्य देशों के बीच विश्वास, समन्वय और साझा प्रतिबद्धता बेहद जरूरी है।

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