नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया (Air India) ने अपने कई रूट्स में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। जून से अगले तीन महीनों तक एयरलाइन कई इंटरनेशनल रूट्स पर उड़ानें कम करेगी, जबकि कुछ रूट्स पर सर्विस पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह जेट फ्यूल की लगातार बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, एयर इंडिया ने दिल्ली से शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसे बड़े शहरों के लिए उड़ानों की संख्या भी घटाई गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया ने कुल मिलाकर रोजाना करीब 100 उड़ानें कम कर दी हैं। इससे यात्रियों को टिकट मिलने में परेशानी और किराए में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।

जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जेट फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। मई 2026 में जेट फ्यूल का औसत भाव 162 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि फरवरी के अंत में यह करीब 99 डॉलर था। एयरलाइंस के कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। ऐसे में तेल महंगा होने से कंपनियों का खर्च काफी बढ़ गया है और कई रूट्स घाटे में पहुंच गए हैं।

पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने से बढ़ा खर्च

एयर इंडिया को एक और बड़ी चुनौती पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से मिल रही है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों को अब लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। कई फ्लाइट्स को वियना और स्टॉकहोम जैसे शहरों में तकनीकी स्टॉप करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन और क्रू लागत दोनों बढ़ गई हैं।

यात्रियों पर पड़ सकता है असर

एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि अगर ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आगे और उड़ानें कम की जा सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय टिकट महंगे हो सकते हैं और यात्रियों को सीमित विकल्प मिल सकते हैं।

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