बलरामपुर/राजपुर। तहसील राजपुर अंतर्गत ग्राम भिलाईखुर्द स्थित क्रशर प्लांट में मजदूर की मौत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। प्रशासन ने संयुक्त जांच दल गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान खनिज विभाग और नायब तहसीलदार की टीम ने संबंधित क्रशर मशीन को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया है। वहीं श्रम विभाग और इंडस्ट्रीज एंड हेल्थ सेफ्टी विभाग द्वारा भी विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

प्रशासन ने दावा किया है कि क्रशर संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन पूरे मामले में अब कई सवाल भी खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्रशर प्लांट में हादसा हुआ, वहां लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने और जोखिम भरे तरीके से काम कराए जाने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं।

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई क्रशर प्लांट नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। ओवरलोड गिट्टी वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई नहीं करते। ऐसे में हादसे के बाद की गई सीलिंग कार्रवाई को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह वास्तव में सख्त कार्रवाई है या फिर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों, अवैध संचालन और ओवरलोड परिवहन पर कार्रवाई की जाती, तो शायद एक मजदूर की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच जारी है और सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या जिम्मेदारों पर वास्तविक कार्रवाई होती है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!