बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फरियादी से मारपीट करने पर पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई को निलंबित कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी एएसआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।

रतनपुर थाने में हुई घटना: रिपोर्ट पूछना पड़ा भारी
जानकारी के अनुसार, रतनपुर निवासी विनोद जायसवाल 12 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच अपने पुराने परिवाद की जानकारी लेने थाना पहुंचे थे। उन्होंने अपनी शिकायत की प्रगति और उसे न्यायालय में भेजे जाने को लेकर सवाल किया, जिस पर एएसआई दिनेश तिवारी भड़क गए।

गाली-गलौज के बाद 15 से 20 थप्पड़ मारने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, एएसआई ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर गुस्से में आकर 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए। घटना के दौरान थाना परिसर में अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। आरोप है कि मारपीट करते हुए एएसआई ने धमकी भी दी कि नेतागिरी निकाल देंगे और जेल भिजवा देंगे।

पीड़ित को स्वास्थ्य समस्या, कान से सुनने में दिक्कत
मारपीट के बाद पीड़ित ने सिर में तेज दर्द और सुनने में परेशानी की शिकायत की है। घटना के बाद मामला तेजी से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा।

प्रशिक्षु आईपीएस की पहल पर हुई बड़ी कार्रवाई
रतनपुर थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन ने मामले की जानकारी मिलते ही इसे तत्काल एसएसपी तक पहुंचाया। इसके बाद एसएसपी ने जांच के आदेश दिए और आरोपी एएसआई दिनेश तिवारी को निलंबित कर दिया।

जिस थाने में तैनात, वहीं खुद पर दर्ज हुई एफआईआर
हैरानी की बात यह है कि जिस रतनपुर थाने में एएसआई दिनेश तिवारी पदस्थ थे, उसी थाने में अब उनके खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई विभाग की सख्ती और जवाबदेही का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।

स्पष्ट संदेश: वर्दी में भी कानून से ऊपर कोई नहीं
एसएसपी रजनेश सिंह ने साफ कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कार्रवाई तय है, चाहे वह आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी। इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपना लिया है।

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