

नारायणपुर: जिले के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने पदभार ग्रहण करने के बाद गुरुवार को जिले के सभी थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक लेकर कानून-व्यवस्था, नक्सल गतिविधियों और पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों से उनके थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था, नक्सल गतिविधियों, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों, सामाजिक संगठनों की सक्रियता, संवेदनशील क्षेत्रों तथा जनसमस्याओं की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों, जनसंपर्क गतिविधियों और पुलिस के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने कहा कि नारायणपुर जिला नक्सल समस्या के समाप्ति के बाद एक संक्रमणकालीन दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता के साथ विश्वास और सहयोग का मजबूत रिश्ता कायम करना भी बेहद जरूरी है।उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में "ट्रस्ट बिल्डिंग" यानी विश्वास निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसके लिए नियमित ग्राम भ्रमण, आम नागरिकों से संवाद, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान तथा संवेदनशील और जनहितैषी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
एसपी पटेल ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं के साथ सतत संपर्क बनाए रखने तथा थाना क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सक्रिय और प्रभावी पुलिसिंग ही जिले में स्थायी शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आधार बनेगी।समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने iRAD, e-DAR, MedLeaPR और सीसीटीएनएस सहित विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों में शत-प्रतिशत और समयबद्ध प्रविष्टियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टलों में दर्ज सूचनाओं की गुणवत्ता और अद्यतन स्थिति बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया।इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक के अंत में एसपी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, अनुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए बेहतर पुलिसिंग पर जोर दिया।











