भुगतान मांगने पहुंचे पीड़ित को कथित रूप से जातिगत गाली देते हुए दी धमकी, कहा- “जहां जाना है जाओ देख लूंगा"


बलरामपुर/राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के नवकी सरनापारा निवासी कथित पत्रकार संतोष सोनी के विरुद्ध वनरक्षक से पैसों के लेनदेन के विवाद में जातिगत गाली-गलौज, धमकी और धोखाधड़ी के आरोप में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। महुडांड़ बासेन निवासी एवं वन परिक्षेत्र राजपुर के नरसिंहपुर बीट में पदस्थ वन रक्षक राकेश प्रसाद लकड़ा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2023 में स्कॉर्पियो वाहन खरीदने के बाद आरोपी द्वारा शेष भुगतान नहीं किया गया और रकम मांगने पर लगातार टालमटोल करते हुए जातिगत गाली गलौज करते हुए धमकी दी गई।पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार महुआडांड़ बासेन निवासी राकेश प्रसाद लकड़ा, जो वर्तमान में वन परिक्षेत्र राजपुर के नरसिंहपुर बीट में वन रक्षक के पद पर कार्यरत हैं, ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के नाम थाना प्रभारी राजपुर को लिखित शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए कि वर्ष 2023 में संतोष सोनी ने उनकी स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक CG 15 CW 1510 को खरीदने के लिए 4 लाख 25 हजार रुपये में सौदा किया था। आरोपी संतोष सोनी पर वाहन खरीदने के बाद शेष भुगतान नहीं करने, बार-बार टालमटोल करने और रकम मांगने पर अभद्रता व धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

आवेदन में उल्लेख है कि संतोष सोनी द्वारा दो लाख रुपये किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से दिया गया तथा शेष राशि के रूप में 2,21,000 रुपये का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाता क्रमांक 791601010000007 चेक क्रमांक 33000891 दिया गया। लगभग 3 माह बीत जाने के बाद जब चेक की समय सीमा समाप्त होने से पूर्व शिकायतकर्ता ने उन्हें फोन कर बताया कि चेक बैंक में लगाने जा रहा हूं, तब उसने कहा कि उसके खाते में पैसा नहीं है तथा चेक बाउंस न करवाने की बात कहते हुए जल्द पैसा वापस करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लगातार संपर्क करने पर वह बार-बार टालमटोल करता रहा और कहता रहा कि आपके घर निर्माण हेतु उसी कीमत का सामान दिलवा दूंगा। शिकायतकर्ता के द्वारा उससे लगातार सम्पर्क करने की कोशिश की जाती रही लेकिन आरोपी के द्वारा केवल सामान देने का आश्वासन दिया जाता रहा।इसी बीच शिकायतकर्ता उसके राजपुर पेट्रोल पंप के बगल स्थित दुकान में दिनांक 12 मई को पैसे के संबंध में विजय तिर्की के साथ बात करने गया था, जहां आरोपी के द्वारा शिकायतकर्ता के साथ मां बहन की जातिगत गाली-गलौज किया गया और पैसा नहीं दूंगा कहके पैसा देने से साफ इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता को जहां जाना है जाओ देख लूंगा कहके भगा दिया गया। इसके बाद से लगातार फोन करने पर भी वह फोन नहीं उठा रहा है।

मामले में  शिकायतकर्ता के द्वारा गाली-गलौज, धमकी और धोखाधड़ी के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के द्वारा शिकायत पर त्वरित संज्ञान लिया गया। बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के निर्देशन और मार्गदर्शन में राजपुर थाना में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989( एसटी/एससी एक्ट) के धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

पत्रकारिता की आड़ में संरक्षण मिलने की चर्चा

क्षेत्र में इस बात को लेकर भी चर्चा तेज है कि कुछ महीने पहले एक बड़े अखबार द्वारा संतोष सोनी को राजपुर क्षेत्र का संवाददाता नियुक्त किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी मीडिया संस्थान को अपने प्रतिनिधि की नियुक्ति से पहले उसकी सामाजिक छवि और कानूनी पृष्ठभूमि की गंभीरता से जांच करनी चाहिए। लोगों का मानना है कि विवादों में घिरे व्यक्तियों की वजह से निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारों की छवि पर भी असर पड़ता है।

क्षेत्र में यह चर्चा भी बनी हुई है कि आरोपी को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण इतने मामले लंबित होने के बावजूद कार्रवाई अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी के समर्थन में कुछ प्रभावशाली लोग विकासखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक सक्रिय नजर आते हैं और उसके पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करते हैं। यदि सूत्रों के ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय माना जाना चाहिए।

कई जिलों में लेनदेन, चेक बाउंस और धोखाधड़ी के आरोपों से संतोष सोनी का पुराना नाता

सूत्रों के अनुसार, राजपुर निवासी संतोष सोनी के खिलाफ बलरामपुर, रामानुजगंज, अंबिकापुर और सूरजपुर सहित विभिन्न जिलों में चेक बाउंस एवं लेनदेन विवाद से जुड़े कई मामले न्यायालय में लंबित बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से वह वाहन खरीद-बिक्री, व्यापारिक लेनदेन और अन्य सौदों में लोगों से रकम लेने के बाद भुगतान के नाम पर चेक देता रहा है, लेकिन खातों में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण अधिकांश चेक बाउंस हो जाते हैं। क्षेत्र के लोगों का दावा है कि दर्जनों व्यक्ति उसके कथित लेनदेन विवाद और धोखाधड़ी के मामलों से प्रभावित हुए हैं तथा कई लोगों के लाखों रुपये अब भी फंसे हुए हैं।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!