


अम्बिकापुर: जिले में समूह की महिलाओं को गोठान से जोड़कर उनकी आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार पहल की जा रही है। इसी कड़ी में जिले के आदर्श गोठानों में ब्रायलर मुर्गी पालन की शुरुआत की गई है। ब्रायलर मुर्गी पालन गोठान से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा संचालित की जाएंगी। ब्रॉयलर मुर्गी तेजी से विकास करती है जिससे कम समय में ही वजन बढ़ जाता है। ब्रायलर मुर्गी पालन इन महिलाओं के लिए बेहतर आय का स्रोत बन सकता है।
ब्रायलर मुर्गी पालन जिले के सभी 14 आदर्श गोठान में किया जाएगा। अभी 10 गोठान में शुरू हो चुका है जिनमें आदर्श गोठान सोहागा, पुहपुटरा, सानिबर्रा सरगंवा, मंगारी, बटवाही, असकला, सोनतराई तथा उडुमकेला शामिल हैं। इन सभी गोठान के महिला समूह को 250 नग ब्रायलर चूजे दिए गए है। कलेक्टर संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन में गोठानां को मल्टी एक्टिविटी केंद्र के रूप में विकसित कर समूह की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर स्वावलंबी बनाया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया है कि गोठान में लेयर और ब्रायलर पालन की शुरुआत हो चुकी है अब बटेर पालन की भी शुरुआत सभी आदर्श गोठान में की जाएगी।पशुचिकित्सक डॉ सीके मिश्रा ने बताया कि आदर्श गोठान में पशुपालन विभाग द्वारा महिला समूहों को वेनकॉब-400 प्रजाति के ब्रायलर चूजे प्रदान किया गए है जो मात्रा 40 दिन में 2 किलोग्राम तक वजन के हो जाते है। ये प्रजाति भारत में सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली है और इससे समूह अधिक आय प्राप्त कर सकती है। उन्होंने बताया कि गोठान में ब्रायलर पालन हेतु शेड का निर्माण मनरेगा से किया गया है।































