नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुए बिल्डिंग हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस दुर्घटना में सात लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में छह लोगों को आरोपी बनाया है।

इन छह लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल

पुलिस ने हरि राम गुप्ता, उर्मिला गुप्ता, महेश गुप्ता, सनोज़ कुमार, सुधांशु लवनीश कुमार और शुभम त्यागी को आरोपी ठहराया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

आरोपियों पर इन धाराओं में केस

चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की निम्न धाराएं शामिल की गई हैं:

  • धारा 105: गैर-इरादतन हत्या।
  • धारा 125(ए): ऐसा लापरवाहीपूर्ण कृत्य, जिससे दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़े।
  • धारा 290: इमारत के निर्माण, मरम्मत या उसे गिराने के दौरान लापरवाही।
  • धारा 115(2): स्वेच्छा से किसी को चोट पहुंचाना।
  • धारा 324(2) और 324(4): सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला शरारतपूर्ण कृत्य।
  • धारा 3(5): सामान्य इरादे से मिलकर अपराध करना।

MCD ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर दी कार्रवाई की जानकारी

इस मामले में दिल्ली नगर निगम (MCD) ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर हादसे के बाद की गई कार्रवाई का ब्योरा दिया था। निगम के मुताबिक, घटना के बाद 543 संपत्तियों को गिराया गया और 178 संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा 354 PG संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

लापरवाही के आरोप में वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

MCD ने हलफनामे में बताया कि संबंधित जोन के वरिष्ठ अधिकारियों को काम में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर और जोनल इंजीनियर भी शामिल हैं। निगम के अनुसार, दिल्ली में महज 512 PG ही मास्टर प्लान के नियमों के अनुसार संचालित हो रहे हैं।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!