
जबलपुर। करवा चौथ पर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने इस पर्व के भावनात्मक अर्थ को एक नई पहचान दी है। यहां एक पत्नी ने अपने पति को नया जीवन देने के लिए अपनी एक किडनी तक दान कर दी। खास बात यह रही कि करवा चौथ के दिन पति अस्पताल के ICU में भर्ती था, इसके बावजूद पत्नी ने अस्पताल में ही पूरे विधि-विधान से पूजा की और छलनी से पति का चेहरा देखकर उसकी लंबी उम्र की प्रार्थना की।
अस्पताल में करवा चौथ मनाते दंपती की तस्वीरें आईं सामने
जबलपुर के एक निजी अस्पताल से सामने आई तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा है। तस्वीरों में पत्नी पहले अस्पताल के बाहर चांद का दीदार करती नजर आई। इसके बाद वह ICU पहुंची और छलनी के जरिए अस्पताल में भर्ती अपने पति का चेहरा देखकर व्रत की रस्म पूरी की।
पति की सेहत को लेकर चिंता के बीच रश्मि गुप्ता ने अपनी परंपरा और आस्था को भी निभाया। अस्पताल में हुए इस अनोखे करवा चौथ की तस्वीरें भावुक कर देने वाली हैं।
पति की गंभीर बीमारी के चलते लिया किडनी दान का फैसला
जानकारी के मुताबिक, जबलपुर के शांतिनगर निवासी दीपक गुप्ता लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से परेशान थे। समय बीतने के साथ उनकी स्थिति बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी जान बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत थी।
ऐसे कठिन समय में उनकी पत्नी रश्मि गुप्ता ने आगे आकर अपनी एक किडनी पति को देने का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद दोनों के प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की गई।
25 अक्टूबर को सफल हुआ किडनी ट्रांसप्लांट
दी गई जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर को दीपक गुप्ता का किडनी प्रत्यारोपण किया गया। ऑपरेशन सफल रहने के बाद डॉक्टरों की निगरानी में पति-पत्नी दोनों को अस्पताल में रखा गया है। बताया जा रहा है कि ट्रांसप्लांट के बाद दोनों की स्थिति सामान्य और स्वास्थ्य में सुधार है।
ICU में पति का चेहरा देखकर पूरी की पूजा
करवा चौथ के दिन रश्मि गुप्ता के सामने परिस्थितियां सामान्य नहीं थीं। उनके पति अस्पताल के ICU में भर्ती थे। इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल परिसर में चंद्र दर्शन किया और फिर छलनी से ICU में मौजूद पति का चेहरा देखकर पूजा की परंपरा पूरी की।
पति की जिंदगी बचाने के लिए किडनी दान करने वाली रश्मि ने इस तरह कठिन परिस्थितियों में भी करवा चौथ का व्रत निभाया। जबलपुर की यह घटना वैवाहिक रिश्ते में आपसी विश्वास और साथ के महत्व को सामने लाती है। साथ ही यह प्रसंग अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी देता है।




















