
इंदौर। देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर बुधवार, 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित की। अभ्यास के दौरान पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग में आतंकवादी हमले और यात्रियों को बंधक बनाए जाने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इसका उद्देश्य सुरक्षा बलों की तत्परता, आपसी समन्वय और आपात स्थिति में कार्रवाई की क्षमता का आकलन करना था।
यह केवल एक सुरक्षा अभ्यास था। एयरपोर्ट पर कोई वास्तविक आतंकी हमला नहीं हुआ।
सुबह 10:36 बजे शुरू हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर शुरू हुई और शाम 4 बजकर 30 मिनट तक चली। करीब छह घंटे के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित परिदृश्य के अनुसार कार्रवाई का अभ्यास किया।
पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग को इसलिए चुना गया, क्योंकि वहां नियमित यात्री संचालन नहीं होता। अभ्यास में आतंकियों के हमले और यात्रियों को बंधक बनाने की स्थिति मानकर सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया को परखा गया।
NSG कमांडो ने संभाली अहम भूमिका
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड विशेष आतंकवाद-रोधी अभियानों और बंधक संकट जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित बल है। इस अभ्यास में NSG कमांडो और सहयोगी एजेंसियों ने मिलकर आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया।
अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य यह देखना था कि गंभीर सुरक्षा चुनौती सामने आने पर एजेंसियां किस तरह सूचना साझा करती हैं, फैसले लेती हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करती हैं।
इंदौर पुलिस के साथ पहले हुई थी बैठक
मॉक ड्रिल की तैयारियों के सिलसिले में 19 अक्टूबर को NSG अधिकारियों और इंदौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में हुई इस चर्चा में स्थानीय पुलिस और प्रशासन की भूमिका, जरूरी संसाधनों तथा व्यवस्थाओं पर विचार किया गया।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया था कि NSG देश के अलग-अलग राज्यों में इस तरह के अभ्यास आयोजित करती है। उन्होंने तैयारियों के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन से सहयोग लेने की जानकारी भी दी थी।
डेली कॉलेज में भी आयोजित हुई मॉक ड्रिल
इंदौर में सुरक्षा तैयारियों के तहत डेली कॉलेज परिसर में भी NSG कमांडो ने अभ्यास किया। यहां संभावित आतंकी खतरे के दौरान लोगों की सुरक्षा और संबंधित एजेंसियों के बीच तालमेल की तैयारियों को परखा गया। इस अभ्यास के भी कई घंटे तक चलने की जानकारी सामने आई।
एयरपोर्ट पर पहले भी हो चुका है अभ्यास
देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर अगस्त 2026 में स्वतंत्रता दिवस से पहले भी आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। उसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), इंदौर पुलिस और अन्य एजेंसियों ने भाग लिया था।
उस अभ्यास में संदिग्ध घुसपैठ और आतंकी खतरे जैसी काल्पनिक परिस्थितियां तैयार की गई थीं। बम निरोधक दल, दमकल और चिकित्सा टीमों की तैयारियों को भी परखा गया था।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा तैयारियों पर जोर
त्योहारों के समय बाजारों, धार्मिक स्थलों और परिवहन केंद्रों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। इंदौर जैसे प्रमुख व्यापारिक और परिवहन केंद्र में सुरक्षा एजेंसियों के लिए आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
ऐसे अभ्यासों से सुरक्षा बलों को अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और संभावित कमियों की पहचान करने का अवसर मिलता है। बंधक संकट या आतंकी हमले जैसी स्थिति में नागरिकों की जान बचाना, सही समय पर सूचना साझा करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना सबसे अहम होता है।
इंदौर एयरपोर्ट की पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग में आयोजित अभ्यास शाम 4:30 बजे संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने की तैयारी मजबूत करना और वास्तविक आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था।




















