
मध्यप्रदेश : खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। धान, ज्वार और बाजरा बेचने के लिए अब तक प्रदेश के 8 लाख 77 हजार 947 किसान पंजीयन करा चुके हैं। किसानों की सुविधा के लिए राज्यभर में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए थे, जहां किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए नाम दर्ज कराया।
धान के लिए सबसे अधिक पंजीयन
सरकारी खरीदी के लिए पंजीयन कराने वाले किसानों में धान उत्पादकों की संख्या सबसे ज्यादा है। अब तक 8 लाख 68 हजार 214 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इसके अलावा बाजरा के लिए 7 हजार 694 और ज्वार के लिए 2 हजार 39 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
जबलपुर संभाग में सर्वाधिक किसान पंजीकृत
संभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जबलपुर संभाग पंजीयन के मामले में पहले स्थान पर है। यहां 4 लाख 7 हजार 926 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। वहीं, रीवा संभाग में 2 लाख 53 हजार 979 किसान पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।
एग्री स्टेक आईडी से पंजीयन, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
इस साल किसान पंजीयन की प्रक्रिया में अहम बदलाव किया गया है। अब किसानों का रजिस्ट्रेशन एग्री स्टेक आईडी के माध्यम से किया जा रहा है। इस आईडी में किसान के सभी खसरों का विवरण दर्ज रहता है। इससे पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और फर्जी रजिस्ट्रेशन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।




















