
मध्य प्रदेश : उज्जैन में पुलिस विभाग ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले आरक्षक के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति के जरिए मदद दी है। महज दो साल के मनवीत को बाल आरक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। फिलहाल वह अपनी मां की गोद में है, लेकिन निर्धारित उम्र पूरी करने और दसवीं कक्षा पास करने के बाद पुलिस विभाग में नियमित सेवा की जिम्मेदारी संभाल सकेगा। तब तक परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मां की गोद में मिला नियुक्ति पत्र
मनवीत अपनी मां ज्योति कुंवर के साथ उज्जैन स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। यहां पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने नियुक्ति की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान एसपी ने बच्चे को चॉकलेट खिलाकर दुलार भी किया।यह पल परिवार के लिए भावुक करने वाला था। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों के साथ खेलते हैं, उस उम्र में मनवीत को अपने दिवंगत पिता की जगह पुलिस विभाग से जुड़ने का अवसर मिला है।
26 जनवरी को सड़क दुर्घटना में हुई थी पिता की मौत
मनवीत के पिता रणजीत सिंह डोडिया मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक थे और मंदसौर जिले में तैनात थे। 26 जनवरी 2026 को ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। उनके परिवार में पत्नी ज्योति कुंवर, दो बेटियां और दो साल का बेटा मनवीत है।पति की मौत के बाद ज्योति कुंवर ने परिवार को आर्थिक संबल दिलाने के लिए बेटे की अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन दिया था।
मंदसौर में पद उपलब्ध नहीं होने पर उज्जैन भेजा गया प्रकरण
मंदसौर जिले में पद खाली नहीं होने के कारण नियुक्ति से संबंधित मामला वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से उज्जैन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजा गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मनवीत को बाल आरक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। इससे परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
18 साल की उम्र और दसवीं पास करने के बाद मिलेगी नियमित जिम्मेदारी
पुलिस विभाग के नियमों के मुताबिक, मनवीत को फिलहाल कोई ड्यूटी नहीं करनी होगी। 18 वर्ष की आयु पूरी करने और दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसे नियमित पुलिस सेवा में शामिल किया जाएगा।तब तक परिवार को नियमों के अनुसार नव आरक्षक के वेतन का आधा हिस्सा आर्थिक सहायता के रूप में दिया जाएगा। इससे बच्चों की पढ़ाई, परवरिश और घर की दूसरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में अपनी तरह का पहला मामला होने का दावा
पुलिस विभाग के अनुसार, इतनी कम उम्र के बच्चे को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का यह मध्य प्रदेश में पहला मामला है। मनवीत अभी इतना छोटा है कि वह अपने पिता की जिम्मेदारियों और पुलिस सेवा के महत्व को समझ भी नहीं सकता, लेकिन इस फैसले से उसके परिवार को भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का सहारा मिला है।पिता की कमी परिवार के लिए हमेशा बनी रहेगी, लेकिन अनुकंपा नियुक्ति से मुश्किल हालात में परिवार को आगे बढ़ने की उम्मीद जरूर मिली है।




















