
लखनपुर/ प्रिंस सोनी: सरगुजा जिले के लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक युवक की करंट से मौत के बाद शव वाहन के लिए परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की जानकारी मिलने पर नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री दिनेश साहू ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए।दरअसल, बुधवार को ग्राम रेमहला और लब्जी के बीच स्थित झिलमिली जंगल में जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए लगाए गए बिजली करंट की चपेट में आने से जुगेश्वर पिता शंकर पावले उम्र 25 वर्ष ग्राम रेमहला निवासी की मौत हो गई थी। घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव घर ले जाने के लिए परिजनों को वाहन उपलब्ध होने का इंतजार करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद उन्हें शव वाहन मिल सका। वहीं मर्ग कायम कुन्नी पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
नियमित वाहन चालक की अनुपस्थिति का आरोप
मामले में जीवनदीप समिति के वाहन चालक महमूद खान ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा नियमित रूप से नियुक्त वाहन चालक अपनी जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन नहीं कर रहे हैं और ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहते हैं। इसके कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने और परिजनों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जीवनदीप समिति के कर्मचारियों को उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि नियमित कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि किसी जरूरतमंद परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं, मृतक के परिजनों ने भी वाहन उपलब्ध कराने में हुई देरी को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि परिवार के सदस्य को खोने के दुख के बीच उन्हें शव ले जाने के लिए भी परेशान होना पड़ा। इस घटना ने आपात परिस्थितियों में अस्पताल की व्यवस्थाओं और शव वाहन की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल पहुंचीं नगर पंचायत अध्यक्ष, कार्रवाई के निर्देश
मामले की जानकारी मिलने पर लखनपुर नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री दिनेश साहू ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वाहन चालकों की कमी और नियमित चालक के अनुपस्थित रहने की बात सामने आई। अध्यक्ष ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती करने के निर्देश खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओम प्रकाश प्रसाद को दिए।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नियमित, संविदा और जीवनदीप समिति के कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। हाजिरी रजिस्टर में कर्मचारियों के हस्ताक्षर नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने देने की बात कही।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अनुपस्थित वाहन चालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जीवनदीप समिति के माध्यम से अन्य चालक की व्यवस्था की जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
रात की स्वास्थ्य व्यवस्था और चौकीदार की कमी पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने रात के समय स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल में चौकीदार की अनुपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। इस पर खंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के कार्य करने पड़ते हैं और यहां चौकीदार की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने इस समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दरकार
इस घटना के बाद लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की उपस्थिति, वाहन संचालन और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आपात स्थिति में शव वाहन जैसी आवश्यक सुविधा के लिए परिजनों को घंटों इंतजार क्यों करना पड़ा? नियमित कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? साथ ही, जीवनदीप समिति के कर्मचारियों पर लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां डालने की व्यवस्था कितनी उचित है?
अब देखना होगा कि नगर पंचायत अध्यक्ष के निरीक्षण और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।




















