
उत्तर प्रदेश : पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल में बंद आजम खान के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नया मामला दर्ज कराया है। बताया गया है कि ईडी ने जेल में उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी। इस कार्रवाई में जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े ट्रस्ट और निर्माण कार्य करने वाली कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। मामले में कुल पांच पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
जौहर अली ट्रस्ट और दो कंपनियों के नाम भी शामिल
ईडी की शिकायत में आजम खान के अलावा जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े जौहर अली ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी की इमारतों के निर्माण से संबंधित दो कंपनियों एसएसएंडएस इंटरप्राइजेज और एसके चिके प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल है। इसके साथ ही एक अज्ञात पक्ष को भी मामले में शामिल किया गया है।शिकायत के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया है कि यह शिकायत धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) से संबंधित है। हालांकि, नए मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
13 अक्टूबर को जेल में करीब आठ घंटे हुई पूछताछ
नया मामला दर्ज होने से पहले ईडी की टीम ने 13 अक्टूबर को रामपुर जेल में आजम खान से पूछताछ की थी। पूछताछ करीब आठ घंटे तक चली। जांच एजेंसी जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेनदेन और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हुई रकम की पड़ताल कर रही है।ईडी को आशंका है कि सरकारी ठेकों से मिलने वाली रकम को निजी ठेकेदारों की मदद से दूसरी जगह इस्तेमाल किया गया हो सकता है। एजेंसी इस मामले में वित्तीय लेनदेन और संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है।
दो महीने पहले हुई थी छापेमारी
आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच पहले भी होती रही है। आयकर विभाग की जांच में भी कथित तौर पर सरकारी बजट से करीब 100 करोड़ रुपये यूनिवर्सिटी के निर्माण में खर्च किए जाने का मामला सामने आने की बात कही गई है। पिछले महीने हुई छापेमारी के बाद इन वित्तीय लेनदेन को लेकर जांच तेज होने की जानकारी सामने आई थी।हालांकि, सरकारी धन के इस्तेमाल और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
16 मामलों में आ चुका है फैसला, आठ में सजा
आजम खान के खिलाफ लंबे समय से कई आपराधिक मामले चल रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनके 16 मामलों में अदालतें फैसला सुना चुकी हैं। इनमें आठ मामलों में उन्हें सजा हुई, जबकि बाकी आठ मामलों में उन्हें राहत मिली है।अब ईडी की शिकायत पर नया मुकदमा दर्ज होने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच एक बार फिर चर्चा में है। जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किन लोगों की भूमिका पाई जाती है और आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य मिलते हैं।




















