CJP Press Conference:  कॉकरोच  जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को हिरासत से रिहा किए जाने के बाद दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अदालत से 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहाई मिलने के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका प्रेस क्लब पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। नेताओं ने ऐलान किया कि उनका आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

फोन हैक करने और दस्तावेज रखने का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सौरव दास ने हिरासत के समय कथित तौर पर हुई घटनाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके मोबाइल फोन अलमारी में रखे गए थे और बाद में उन्हें हैक किया गया। सौरव के मुताबिक, उनके फोन में कुछ दस्तावेज भी कथित तौर पर डाल दिए गए।उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार और कस्टोडियल टॉर्चर का आरोप लगाया। सौरव ने कहा कि स्वतंत्र पत्रकारों के साथ भी कथित तौर पर गलत व्यवहार किया गया है। उन्होंने मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि ऐसे मामलों में हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भूमिका कहां है।

दिल्ली पुलिस पर सिख समुदाय की भावनाएं आहत करने का आरोप

सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी जूते पहनकर बंगला साहिब गुरुद्वारे में दाखिल हुए। उनके अनुसार, यह घटना गुरुद्वारे की गरिमा और सिख समुदाय के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्र पत्रकारिता करने वाले लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार और धार्मिक स्थल से जुड़ी इस घटना पर संबंधित संस्थाओं को ध्यान देना चाहिए। CJP नेताओं ने इन मुद्दों को अपने आंदोलन का हिस्सा बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, देशभर में आंदोलन की चेतावनी

सौरव दास ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को पद पर बनाए रखने के लिए दिल्ली में बड़े स्तर पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 40 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के पीछे एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नागरिकों की आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सौरव ने कहा कि उनका संगठन पीछे हटने वाला नहीं है और देश के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराना चाहिए।CJP नेताओं ने दावा किया कि इससे पहले भी कई पूर्व मुख्यमंत्री लोकतंत्र की रक्षा के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी सहित अन्य नेताओं के प्रति आभार जताया। साथ ही आरोप लगाया कि आंदोलन से जुड़े कुछ समर्थकों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर अमल नहीं होने का दावा

CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को एकजुट होने से रोकने का प्रयास कर रही है। रत्ना सिंह के मुताबिक, उन्हें पिछले दिन खुफिया ब्यूरो की ओर से लगातार ट्रैक किए जाने का अनुभव हुआ और बाद में हिरासत में भी लिया गया।उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश दिए जाने के बावजूद दिल्ली में उनका प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। रत्ना सिंह ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

CJP ने आंदोलन जारी रखने का दोहराया संकल्प

रिहाई के बाद CJP नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि संगठन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने के पक्ष में है। नेताओं ने इसे लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़ा मुद्दा बताया है।हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कार्रवाई, मोबाइल फोन और हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। फिलहाल CJP नेताओं ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा करते हुए सरकार पर अपना दबाव बनाए रखने का संकेत दिया है।

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