
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक न्याय के योद्धा त्यागी इमैनुएल सेकरनार की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
एक्स पर उपराष्ट्रपति का संदेश
उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं त्यागी इमैनुएल के बलिदान तथा समाज में उनके योगदान का सम्मान करता हूं। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय गरिमा को बनाए रखने के लिए जिस साहस के साथ संघर्ष किया, वह सराहनीय है। कम उम्र में ही स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के बाद उन्होंने देश की आजादी के बाद जातिगत भेदभाव के खिलाफ अथक प्रयास किए और लोगों के अधिकारों व आत्म-सम्मान को स्थापित करने के लिए काम किया। उन्होंने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को एकजुट करने और शिक्षा तथा अधिकारों के प्रति चेतना जगाने में अहम भूमिका निभाई। समानता, सामाजिक न्याय, भाईचारे और सद्भाव वाले समाज के निर्माण के उनके आदर्श हमें हमेशा प्रेरित करते रहें। उनका जीवन और बलिदान हमें एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहे जो एकजुट हो और भेदभाव से मुक्त हो।”
इमैनुएल सेकरनार का योगदान
इमैनुएल सेकरनार तमिलनाडु के प्रमुख नागरिक अधिकार कार्यकर्ता थे। उन्होंने देश की आजादी के साथ-साथ समाज के शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों तथा सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। तमिल संस्कृति में उन्हें आदरपूर्वक ‘थियागी’ (त्यागी/शहीद) या ‘इमैनुएल देवेंद्रर’ के नाम से जाना जाता है।
उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक
उपराष्ट्रपति के इस संदेश से इमैनुएल सेकरनार के जीवन और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास साफ दिखता है। उनका बलिदान समानता और सामाजिक न्याय के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।




















