
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापकों तथा तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की पेंशन बंद करने के निर्णय के विरोध में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में Holy Cross Women's College अंबिकापुर में भी प्रभावित प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके बुढ़ापे का सहारा और स्वाभिमान से जुड़ा अधिकार है। उनका कहना है कि वर्षों तक संस्थानों में सेवाएं देने और विद्यार्थियों को शिक्षित कर योग्य नागरिक तैयार करने के बाद पेंशन बंद करने का निर्णय उनके लिए पीड़ादायक है।धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से पेंशन संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने और प्रभावित प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के हित में उचित कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया गया।इसके बाद प्रभावित प्राध्यापकों और कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपते हुए पेंशन व्यवस्था को लेकर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया।कर्मचारियों ने कहा कि लंबे सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने शासन से मामले पर सकारात्मक विचार करते हुए कर्मचारियों के हित में निर्णय लेने की मांग की है।




















