
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में बिगड़े मौसम का असर चारधाम यात्रा पर साफ दिखाई दिया। रविवार को सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब की ओर जाने वाले 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई। पहाड़ों में भूस्खलन, मलबा और पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण प्रदेश में 128 सड़क मार्ग बंद रहे। कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी यातायात बार बार बाधित हुआ।
केदारनाथ जाने वाले हजारों यात्रियों को रास्ते में ही रोका गया, पैदल मार्ग पर भी आवाजाही बंद
केदारनाथ धाम जाने वाले करीब 5 हजार श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग, गौरीकुंड और गुप्तकाशी में सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया। वहीं लगभग एक हजार यात्री पहले से केदारनाथ धाम में मौजूद हैं। सोनप्रयाग और गौरीकुंड में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर यात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।रविवार को केदारनाथ के पैदल मार्ग पर भी यात्रा पूरी तरह बंद रही। प्रशासन अब सोमवार को मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद आगे की यात्रा को लेकर फैसला लेगा।
गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले करीब 7 हजार यात्रियों की यात्रा भी थमी
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की ओर बढ़ रहे करीब 7 हजार श्रद्धालुओं को बड़कोट, दोबाटा, खराड़ी समेत कई स्थानों पर रोक दिया गया। बारिश के कारण गंगोत्री-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिनभर आवाजाही प्रभावित होती रही।प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम के सामान्य होने तक धामों की ओर आगे बढ़ने से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले यात्रियों को भी नहीं मिली आगे बढ़ने की अनुमति
खराब मौसम का असर हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ा। करीब 1100 श्रद्धालु घांघरिया गुरुद्वारे में रुके हुए हैं, जबकि 200 से 300 यात्री अलग अलग होटलों में ठहरे हैं। इसके अलावा करीब 1200 यात्रियों को गोविंदघाट में रोककर रखा गया है।फूलों की घाटी जाने वाले लगभग 200 पर्यटकों को भी फिलहाल आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
कालिंदी ट्रैक पर फंसे 18 ट्रैकर सुरक्षित, मौसम खुलने पर हवाई रेकी की तैयारी
उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक पर बारिश और बर्फबारी के बीच 18 ट्रैकरों के फंसे होने की सूचना के बाद प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के अनुसार सभी ट्रैकर बेस कैंप में सुरक्षित हैं और प्रशासन उनसे लगातार संपर्क में है।मौसम में सुधार आने के बाद हेलीकॉप्टर के जरिए इलाके की रेकी करने की योजना है। संभावित बचाव अभियान को ध्यान में रखते हुए आसपास के क्षेत्रों में हेलीपैड भी चिन्हित किए गए हैं। रेस्क्यू के लिए छह हेलीकॉप्टर तैयार रखे गए हैं, जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात हैं।
बागेश्वर में 43 ट्रैकरों को सुरक्षित ठिकानों पर रोका गया
बागेश्वर जिले में भी खराब मौसम के चलते 43 ट्रैकरों की आवाजाही रोक दी गई। प्रशासन ने मौसम साफ होने तक ट्रैकिंग गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल जोखिम वाले मार्गों पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
पौड़ी में चट्टान टूटने से मलबे में दबे ग्रामीण की मौत
पौड़ी जिले की थलीसैंण तहसील के ग्वारी मल्ली गांव में बारिश के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ। रविवार को रिहायशी भवन के पीछे मौजूद चट्टान का एक हिस्सा टूट गया और मलबा नीचे आ गिरा। इसी दौरान 50 वर्षीय बलवीर सिंह उसकी चपेट में आ गए।बताया गया कि वह घर के पीछे बरसाती पानी की स्थिति देखने गए थे। हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस और ग्रामीणों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और उन्हें मलबे से बाहर निकाला। हालांकि तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पिथौरागढ़-घाट हाईवे पर 29 घंटे तक परेशानी, मशीनों की मदद से खुला रास्ता
पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से लगातार पत्थर और बड़े बोल्डर गिरने के कारण यातायात करीब 29 घंटे तक प्रभावित रहा। सड़क को जल्द खोलने के लिए दोनों तरफ से चार चार मशीनों को काम पर लगाया गया। काफी प्रयास के बाद मार्ग पर यातायात बहाल किया गया।इस दौरान एसडीआरएफ ने करीब 1100 यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से सुरक्षित निकालने में मदद की।
श्रीनगर में बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को रोका गया
श्रीनगर में भी रविवार सुबह से बारिश का सिलसिला जारी रहा। फरासू क्षेत्र में बदरीनाथ हाईवे के बार बार बाधित होने के कारण तहसील प्रशासन ने बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को श्रीनगर में ही रोक दिया।यात्रियों को सलाह दी गई कि मौसम में सुधार होने और सड़क की स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे की यात्रा करें।
चौखुटिया के पास पेड़ गिरने से हाईवे पर लगा जाम, दो घंटे से ज्यादा बंद रही आवाजाही
कुमाऊं को गढ़वाल से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर चौखुटिया के पास पेड़ गिरने से यातायात दो घंटे से अधिक समय तक ठप रहा। सड़क पर पेड़ गिरने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।सूचना मिलने के बाद संबंधित टीमों ने पेड़ को सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात दोबारा शुरू हो सका। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी मार्गों पर यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।




















