
रायपुर : अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ माना कैंप पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर दुर्ग की ओर जा रहा था। मछली मार्केट के पास जांच के दौरान पुलिस को देखकर उसने कार भगाने की कोशिश की, लेकिन वाहन अन्य गाड़ी और हाट बाजार के पास डिवाइडर से टकराकर रुक गया।पुलिस ने कार की तलाशी ली तो डिक्की में छिपाकर रखे गए 11 पैकेट मिले। इनमें कुल 21.964 किलो गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की कीमत करीब 10 लाख 98 हजार रुपये बताई गई है। कार समेत कुल जब्त माल की कीमत करीब 13 लाख 48 हजार रुपये आंकी गई है।
मुखबिर की सूचना पर मछली मार्केट के पास नाकेबंदी
पुलिस के मुताबिक 20 सितंबर की रात करीब 11:45 बजे सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अल्टो कार से ओडिशा की ओर से गांजा लेकर दुर्ग जा रहा है। सूचना मिलने के बाद माना कैंप पुलिस ने मछली मार्केट के पास नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।इसी दौरान पुलिस ने कार क्रमांक CG 04 NN 6018 को रोकने का संकेत दिया। पुलिस का कहना है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज गति से भागने का प्रयास किया। इसी दौरान कार अन्य वाहन से टकराई और आगे हाट बाजार के पास डिवाइडर से जा भिड़ी।
कार रुकते ही पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
हादसे के बाद पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर चालक को पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने शुरू में कथित तौर पर संतोषजनक जानकारी नहीं दी। पुलिस को संदेह होने पर कार की तलाशी ली गई।डिक्की खोलने पर गांजे जैसी गंध आने की बात सामने आई। इसके बाद गवाहों की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली गई।
दो बैगों में मिले गांजे के 11 पैकेट
तलाशी के दौरान डिक्की से सफेद-पीले रंग के दो बैग बरामद हुए। पुलिस के अनुसार दोनों बैगों के भीतर खाकी रंग के टेप से पैक किए गए 11 पैकेट रखे थे।पैकेटों का वजन कराने पर उनमें कुल 21.964 किलोग्राम गांजा पाया गया। पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल अल्टो कार को जब्त कर लिया।
ओडिशा से गांजा लाकर दुर्ग में बेचने का आरोप
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने ओडिशा से गांजा लाकर दुर्ग में बिक्री के लिए ले जाने की बात बताई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेन्द्र यादव के रूप में हुई है। वह महासमुंद जिले के पिथौरा क्षेत्र के सोनासिल्ली गांव के डिपरापारा का निवासी बताया गया है।मामले में पुलिस ने NDPS एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत अपराध क्रमांक 245/2026 दर्ज किया है। आरोपी को 20 सितंबर को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।पुलिस अब गांजे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।




















