
बिहार : संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति का निरीक्षण कर अधिकारियों को राहत और बचाव की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखने और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी और लोगों की सुरक्षा पर जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पहले से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए और राहत कार्यों में किसी तरह की देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बाढ़ की स्थिति की समीक्षा
उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी जल संसाधन विभाग के कमान एवं नियंत्रण केंद्र से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यक कदम तत्काल उठाने के निर्देश दिए गए।
गांधी घाट और हथीदह में खतरे के निशान से ऊपर जा सकता है पानी
जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर पटना के गांधी घाट और मोकामा के हथीदह में बाढ़ के उच्चतम स्तर के निशान को पार कर सकता है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों के गंगा तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से नदी, घाट, तटबंध और अन्य संवेदनशील स्थानों के पास जाने से बचने की अपील की गई है।
नदी में स्नान और अनावश्यक नाव यात्रा से बचने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से गंगा में स्नान या तैराकी नहीं करने की अपील की है। साथ ही अनावश्यक नाव यात्रा और नदी के आसपास जोखिमपूर्ण गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
लोगों को अपने जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री पहले से तैयार रखने को कहा गया है। प्रशासन के निर्देश मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
सरकारी सूचना पर ही करें भरोसा
विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल सरकारी परामर्श व आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और बचाव दलों के निर्देशों का तुरंत पालन करने को कहा गया है।




















