
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित 1,000 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की और कहा कि उनकी सरकार 102 गांवों में बाढ़ से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देगी। उन्होंने बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से वित्तीय सहायता भी वितरित की।
बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “मैं यहां आपको आश्वस्त करने आया हूं कि आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। डबल इंजन वाली एनडीए सरकार आपके साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित करेगी कि आपकी आवश्यकताओं के अनुसार हरसंभव मदद आप तक पहुंचे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिले की तीनों बाढ़ प्रभावित तहसीलों – सदर, कायमगंज और अमृतपुर – का निरीक्षण किया है और निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार इस बाढ़ से प्रभावित सभी 102 गांवों के लोगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।” उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए पिछले 15 दिनों से लगातार काम कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि चौबीस घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर स्थापित किए गए हैं जबकि जिन परिवारों के घर बाढ़ में डूब गए हैं, उनके लिए भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को वितरित की जा रही राहत किट का वजन लगभग 50 किलोग्राम है और इसमें लगभग 50 वस्तुएं हैं, जिनमें 10-10 किलोग्राम चावल, आटा और आलू, दो किलोग्राम अरहर दाल के अलावा चना, मुरमुरे, तेल, मसाले, एक बाल्टी, रेनकोट और डिग्निटी किट शामिल हैं।
आदित्यनाथ ने कहा, “पिछले 15 दिनों में, हमारे स्थानीय विधायकों ने जिला प्रशासन की मदद से यह सुनिश्चित किया है कि ये राहत सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुंचे।” उन्होंने कहा कि शिक्षक राहत शिविरों और गांवों में बच्चों के लिए कक्षाएं संचालित कर रहे हैं जबकि स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए गए हैं।
बाढ़ के दीर्घकालिक समाधान पर आदित्यनाथ ने कहा, “एकमात्र स्थायी समाधान गंगा को खोदकर उसका प्रवाहीकरण और नदी से निकाली गई गाद का उपयोग तटबंधों को मजबूत करने में करना है।” उन्होंने कहा, “इससे नदी के प्रवाह को सुचारू करने, आसपास के गांवों को बाढ़ से बचाने, फसलों को बचाने और लोगों को राहत देने में मदद मिलेगी।”
आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के मौसम के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को अलर्ट पर रखा गया है तथा सांप और बिच्छू के काटने के मामलों से निपटने के लिए अस्पतालों में जहर रोधी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सरकारी भर्तियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शी भर्ती सुनिश्चित की है और चेतावनी दी है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजा जाएगा और उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी को भी “गरीबों के पैसे पर डकैती” करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। आउटसोर्सिंग को लेकर पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां “सैफई सिंडिकेट” से जुड़ी हुई थीं और भ्रष्टाचार और लूट में लिप्त थीं।
सीएम योगी ने आरोप लगाया, “जो भी आउटसोर्सिंग एजेंसियां मौजूद थीं, वे सैफई सिंडिकेट का हिस्सा थीं। वे लूटपाट करते थे और उनके पास डकैती करने का अनुभव था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने यहां किया।”
उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सर्विसेज कॉरपोरेशन (यूपीसीओएस) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था में पारदर्शिता लाएगा और सुनिश्चित करेगा कि भुगतान सीधे आउटसोर्स कर्मचारियों के बैंक खातों में किया जाए।




















