रीवा : शासकीय गांधी स्मारक चिकित्सालय से प्रसव के दौरान प्रसूता और उसके नवजात बच्चे की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और समय पर जरूरी उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाया है। मामले ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और मरीजों की देखभाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।परिजनों के मुताबिक, महिला को अस्पताल लाए जाने के बाद वहां की व्यवस्था देखकर वह घबरा गई थी और किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कह रही थी। इसी बीच उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई मामले की गंभीरता

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रसूता बेहद डरी हुई नजर आती है और अपनी जान बचाने की गुहार लगाती सुनाई देती है। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया। महिला और नवजात की मौत की जानकारी मिलने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने गांधी स्मारक चिकित्सालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन ने दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही घटनाक्रम की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।

परिजनों ने इलाज में कई स्तर पर लापरवाही के लगाए आरोप

परिवार की ओर से अस्पताल के स्टाफ पर उपचार में लापरवाही के साथ कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि महिला को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई।परिजनों ने एनेस्थीसिया की मात्रा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

25 अगस्त को प्रसव के लिए अस्पताल में हुई थी भर्ती

जानकारी के अनुसार मनगवां क्षेत्र की रहने वाली कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त को प्रसव के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान पर्याप्त और समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने से परिस्थितियां बिगड़ती गईं।26 अगस्त की रात प्रसूता और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। एक साथ दो मौतों की खबर से परिवार में मातम छा गया। अगले दिन सुबह बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंचे और मुख्य गेट पर बैठकर विरोध जताया। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

विधायक पहुंचे तो कई घंटे चली बातचीत

मामले की जानकारी मिलने के बाद मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उनकी शिकायतें सुनीं।इसके बाद अस्पताल प्रशासन और परिजनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। परिवार ने इलाज में कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग रखी।अब जांच समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि प्रसूता और नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उपचार के दौरान किसी स्तर पर चिकित्सकीय या प्रशासनिक लापरवाही हुई थी या नहीं।

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