
विद्यालय में घुसकर वीडियो बनाने, बदनाम करने और नौकरी से निलंबित कराने की धमकी देने का आरोप; 10 हजार रुपये मांगने की शिकायत
बलरामपुर/पस्ता। बलरामपुर जिले के थाना पस्ता क्षेत्र अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला पुट्सू में पदस्थ सहायक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान पाठक रूकमण बारीक की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिक्षक ने आरोप लगाया है कि स्वयं को यू-ट्यूबर बताने वाले दीपक यादव, श्रवण यादव एवं सूर्या यादव ने विद्यालय पहुंचकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी तथा 10 हजार रुपये की अवैध मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता रूकमण बारीक ने अपने आवेदन में बताया है कि वह शासकीय प्राथमिक शाला पुट्सू में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं तथा प्रभारी प्रधान पाठक का दायित्व निभा रहे हैं। उनके अनुसार बीते 8 से 10 दिनों से ग्राम पुट्सू कंडा निवासी श्रवण यादव एवं उसके सहयोगियों द्वारा लगातार परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा था।आवेदन के मुताबिक श्रवण यादव ने उन्हें बताया था कि उसने अपने सहयोगी यू-ट्यूबर दीपक यादव के साथ मिलकर एक फाउंडेशन बनाया है, जिसके लिए पैसों की आवश्यकता है। शिक्षक का आरोप है कि जब उन्होंने किसी प्रकार की आर्थिक सहायता देने से इनकार कर दिया, तभी से उन्हें परेशान किया जाने लगा।
विद्यालय में घुसकर वीडियो बनाने का आरोप
शिक्षक के अनुसार 25 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 1 बजे श्रवण यादव, दीपक यादव और सूर्या यादव बिना किसी वैध अनुमति के विद्यालय परिसर में पहुंच गए। आरोप है कि तीनों ने विद्यालय में वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी और अध्ययनरत बच्चों तथा शिक्षक के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करते हुए अभद्र व्यवहार किया।
शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान विद्यालय में चल रहे अध्यापन कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। आरोपी कथित रूप से स्कूल परिसर में घूमते हुए वीडियो बनाते रहे और लगातार शिक्षक पर दबाव बनाते रहे।
10 हजार रुपये नहीं देने पर वायरल करने की धमकी
शिक्षक ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने कहा कि यदि उनके फाउंडेशन के लिए 10 हजार रुपये नहीं दिए गए तो रिकॉर्ड किए गए वीडियो को यूट्यूब और फेसबुक पर वायरल कर दिया जाएगा। साथ ही उन्हें बदनाम करने और नौकरी से सस्पेंड करवाने की धमकी भी दी गई।शिक्षक का कहना है कि आरोपी विद्यालय के बाहर खड़े होकर जोर-जोर से चिल्लाते हुए वीडियो बनाते रहे, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान और भयभीत हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों का उद्देश्य दबाव बनाकर धन उगाही करना था।

बच्चों में भी फैला भय
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि घटना के दौरान विद्यालय में पढ़ रहे बच्चे भी भयभीत हो गए थे। आरोपीगण के व्यवहार और हंगामे के कारण स्कूल का शांतिपूर्ण एवं शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ। शिक्षक ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ा और विद्यालय की गरिमा भी प्रभावित हुई।
सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने का आरोप
आवेदन में यह भी कहा गया है कि बाद में दीपक यादव, श्रवण यादव और सूर्या यादव ने उनके कार्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हुए वीडियो तैयार किया तथा उसे यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एवं वायरल किया। शिक्षक का आरोप है कि इससे उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है तथा विद्यालय की छवि भी प्रभावित हुई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने आरोपियों को ऐसा न करने के लिए समझाने का प्रयास किया और जरूरत पड़ने पर पुलिस में शिकायत करने की बात भी कही, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर धमकियां जारी रहीं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिक्षक की शिकायत पर थाना पस्ता पुलिस ने अपराध क्रमांक 44/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 221,351(2),308(2),356(3),3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। प्रकरण में दीपक यादव, श्रवण यादव एवं सूर्या यादव को आरोपी बनाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



















